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पंजाब: आम आदमी पार्टी सिद्धू को शामिल करेगी या नहीं, दिग्गज नेता ने किया स्पष्ट, राजनीतिक गलियारों में चर्चा खूब

Thu, 30 Sep 2021 02:46 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनने से पहले नाराज सिद्धू को लेकर कयास लगाया जा रहा था कि वे आम आदमी पार्टी का दामन थम सकते हैं। इस्तीफा देने के बाद भी ऐसा ही अटकलों का बाजार एक बार फिर गर्म हुआ है लेकिन अब आम आदमी पार्टी के एक बड़े नेता का बयान आ चुका है। इस नेता ने सिद्धू को लेकर पार्टी का स्टैड साफ कर दिया है। 
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नवजोत सिंह सिद्धू। (फाइल फोटो)
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विस्तार
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नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे के बीच आम आदमी पार्टी के नेता हरपाल सिंह चीमा ने बड़ा बयान दिया है। चीमा ने कहा है कि सिद्धू ने कुर्सी के लिए पंजाब के लोगों के साथ धोखा किया है। वह कभी भी आम आदमी पार्टी का हिस्सा नहीं होंगे। पंजाब चुनाव में आप का चेहरा एक आम आदमी होगा।

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इस्तीफे से पंजाब की सियासत में भूचाल लाने वाले नवजोत सिंह सिद्धू के आप में शामिल होने के कयासों पर हरपाल सिंह चीमा ने विराम लगा दिया है। चीमा ने कहा है कि सिद्धू अभी तक साढ़े चार साल कांग्रेस के साथ रहे हैं, अब चुनाव नजदीक देख लोगों के बीच जाने में घबराने लगे हैं। 

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जनता के साथ किए गए वादों के पूरा नहीं होने के कारण वह उसके विरोध को लेकर घबरा गए हैं। इस कारण उन्होंने इस्तीफा देकर घर बैठने का फैसला किया है। सिद्धू ही नहीं कांग्रेस के सभी नेता पंजाब के लोगों के सामने जाने से कतरा रहे हैं। लोग भी अब पंजाब में कांग्रेस नेताओं की असलियत को समझ चुके हैं। उन्होंने पंजाब के लोगों से अपील की है कि वह ऐसे झूठे वादे करने वाले नेताओं से दूर रहें।

सिद्धू ने कहा- मरते दम तक हक व सच की लड़ाई लड़ूंगा
नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो जारी कर कहा कि मैं अड़ूंगा और लड़ूंगा, इसमें सब जाता है तो जाए। सिद्धू ने कहा कि उन्होंने इस्तीफा पंजाब के हितों की रक्षा और नैतिकता के आधार पर दिया है। वह इनसे समझौता नहीं करेंगे। जीवन में अंतिम सांस तक सच्चाई और पंजाब के हितों की लड़ाई लड़ता रहूंगा। न हाईकमान को गुमराह करूंगा और न होने दूंगा।
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उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई निजी नहीं है। यह हक और मुद्दों की लड़ाई है। उनके लिए न पहले कोई पद मायने रखता था और न आगे रहेगा। वह तो गुरु के आदर्शों व उनके दिखाए रास्ते पर चलते रहेंगे। वीडियो में सिद्धू ने कहा कि दागी अफसरों को पंजाब का पहरेदार बनाए जाना वह सहन नहीं कर सकते हैं। 

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