फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh Traffic: रोजगार और शिक्षा के लिए सड़कों पर हैं सबसे ज्यादा वाहन, जाम की सबसे बड़ी वजह भी यही

Sun, 17 Jul 2022 03:12 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पड़ोसी राज्यों से आने वाले ट्रैफिक में से 78 फीसदी लोग नौकरी और बिजनेस के सिलसिले में चंडीगढ़ आते हैं। इनमें से करीब 29 फीसदी यात्री 25 किलोमीटर के दायरे में ही रहते हैं।
विज्ञापन
चंडीगढ़ ट्रैफिक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चंडीगढ़ की सड़कों पर जो वाहन नजर आते हैं, उनमें से 78 फीसदी वाहन शिक्षा व रोजगार (बिजनेस, नौकरी) के लिए होते हैं। यह खुलासा रेल इंडिया तकनीकी और आर्थिक सेवा (राइट्स) की ओर से ट्रैफिक के पैटर्न पर किए सर्वे में हुआ है। सर्वे रिपोर्ट में बताया गया है कि यही जाम की सबसे बड़ी वजह है, जबकि एक बढ़िया सार्वजनिक परिवहन प्रणाली से इस प्रतिशत को आसानी से कम किया जा सकता है।

विज्ञापन


राइट्स ने कहा है कि शिक्षा और रोजगार के लिए सड़कों पर उतरने वाले वाहनों की वजह से शहर के अलग-अलग हिस्सों में जाम लग रहा है। वहीं, पड़ोसी राज्यों से आने वाले ट्रैफिक में से 78 फीसदी लोग नौकरी और बिजनेस के सिलसिले में चंडीगढ़ आते हैं। इनमें से करीब 29 फीसदी यात्री 25 किलोमीटर के दायरे में ही रहते हैं। सर्वे में राइट्स की तरफ से सुझाव दिया गया है कि चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है। कहा गया है कि इन लोगों को मास ट्रांसपोर्ट सिस्टम से संभाला जा सकता है। सुरक्षित और बढ़िया ट्रांसपोर्ट सिस्टम की जरूरत है, ताकि लोग उसका इस्तेमाल करें और निजी गाड़ियों का उपयोग कम हो जाए। रिपोर्ट में कहा गया है कि शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल अभी काफी कम किया जा रहा है, जिसे करीब 70 फीसदी तक पहुंचाने की जरूरत है। इसके बाद ही सड़कों पर ट्रैफिक जाम में कमी आएगी। 

विज्ञापन

चंडीगढ़-अंबाला की तरफ से आता है सबसे ज्यादा ट्रैफिक

राइट्स ने अपने सर्वे में कहा है कि शहर में अधिकतम ट्रैफिक चंडीगढ़-अंबाला एक्सप्रेस वे की तरफ से आता है। इसके बाद पंचकूला-कालका हाईवे, खरड़-कुराली रोड और जीरकपुर-राजपुरा रोड की तरफ से काफी संख्या में लोग आते हैं। सर्वे में कहा गया है कि सामान ले जाने वाले ट्रकों की संख्या पंचकूला-रामगढ़ रोड की तरफ से काफी ज्यादा है, जिसका प्रतिशत 15.3 फीसदी है। अन्य रास्तों पर तीन फीसदी से 15 फीसदी तक की आवाजाही है। 

पैदल चलने वालों के लिए सुविधाओं का अभाव

सर्वे में पैदल चलने पर भी जोर देने का सुझाव दिया गया है। साथ ही कहा गया है कि वर्तमान में पैदल यात्रियों के लिए जो सुविधाएं हैं, वह नाकाफी हैं। पैदल चलने के लिए अलग से फुटपाथ बनाने की जरूरत है, जिनकी क्वालिटी अच्छी हो। साथ ही लोगों को साइकिल चलाने के लिए प्रोत्साहित करने की जरूरत है। कहा गया है कि वर्तमान में मोहाली और पंचकूला में काफी कम संख्या में लोग साइकिलों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसे बढ़ाने की जरूरत है।

किस मकसद से ट्रैफिक

शिक्षा - 36 फीसदी
निजी सर्विस - 24.2 फीसदी
बिजनेस - 13.6 फीसदी
शॉपिंग - 17.3 फीसदी
सरकारी सर्विस - 4.1 फीसदी
सोशल व अन्य - 3.2 फीसदी
मेडिकल- 1.6 फीसदी

पैदल यात्रियों के लिए यहां मार्ग बनाने का प्रस्ताव 

मध्य मार्ग : पंजाब यूनिवर्सिटी व पीजीआई के बीच
चंडीगढ़-पंचकूला मार्ग : हाउसिंग बोर्ड चौक के पास
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें