चंडीगढ़ में एक साल पहले हुए सुरजीत बाउंसर हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। सुरजीत की पत्नी का कहना है कि उन्हें सुरजीत के हत्या में संजीव महाजन का हाथ होने का शक है। इस बात को आधार बना कर मलोया थाना पुलिस ने कोर्ट से महाजन का दो दिनों का रिमांड मांगा, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर महाजन को दो दिनों के रिमांड पर भेज दिया है। संजीव महाजन को अगली पेशी 23 मई को होगी।
सुरजीत की पत्नी का आरोप है कि संजीव महाजन और सुरजीत एक दूसरे के जानकार थे। सेक्टर 37 कोठी विवाद मामले में एक भी पैसा नहीं मिला था। उस पर झूठा आरोप लगाया गया है। उन्हें शक है कि सुरजीत को मरवाने में संजीव महाजन का हाथ हो सकता है। वहीं, महाजन के वकील राजेश शर्मा ने कहा कि सुरजीत मर्डर केस की जांच पहले से चल रही है। ऐसे में कोठी को हड़पने वाले केस के बीच में महाजन के उपर ये आरोप बताता है कि पुलिस महाजन को बाहर आने देना नही चाहती है। महाजन को इस केस में गलत फंसाया जा रहा है।
मार्च 2020 में हुई थी सुरजीत की हत्या
16 मार्च 2020 की रात सेक्टर-38 वेस्ट निवासी सुरजीत बाउंसर अपनी सियाज कार में मोहाली से घर लौट रहा था। कार को सुरजीत ही चला रहा था। सेक्टर 38 वेस्ट के स्मॉल चौक के पास पहुंचा, तो काले रंग की बाइक पर सवार दो युवकों में से एक ने सुरजीत पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। पांच गोलियां लगने से सुरजीत की मौत हो गई। सुरजीत पहले डिस्कोथेक और वीआईपी लोगों को बाउंसर उपलब्ध करवाता था। इसके बाद वह आए दिन विवादों में रहने लगा। इसके बाद सुरजीत ने बाउंसर उपलब्ध करवाने का काम छोड़कर मोहाली में फाइनेंस का काम शुरु किया था। सुरजीत का एक बेटा है।
दलजीत की गिरफ्तारी पर रोक
सेक्टर 37 कोठी हड़पने के मामले में आरोपी दलजीत सिंह उर्फ रूबल को कोर्ट की तरफ से राहत मिली है। रूबल ने जिला अदालत में पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए याचिका लगाई थी। जिस पर कोर्ट ने उसे 10 दिन की राहत दी है। एफआईआर दर्ज होने के बाद से दलजीत फरार चल रहा था।