प्रदर्शन करते विद्यार्थी।
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दोपहर करीब 12 बजे बठिंडा से छात्रा के परिवार वाले आकर उसे साथ ले गए लेकिन बुधवार की रात करीब ढाई बजे उसकी बठिंडा में मौत हो गई। जैसे ही सुबह विद्यार्थियों को जश्नप्रीत कौर की मौत के बारे में पता चला तो वह भड़क उठे। विद्यार्थियों ने इकट्ठे होकर वीसी दफ्तर के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान विद्यार्थियों ने प्रोफेसर सुरजीत सिंह को घेरकर मारपीट की।
प्रोफेसर सुरजीत सिंह का रवैया ठीक नहीं था: छात्र
विद्यार्थियों ने बताया कि प्रोफेसर सुरजीत सिंह का रवैया छात्रों के साथ ठीक नहीं था। वह विद्यार्थियों के साथ गाली-गलौज तक कर देते थे। छात्रा जश्नप्रीत कौर बीमार रहती थी। उसने छुट्टी मांगी तो उसे भी डांटा था। इसी कारण उसकी तबीयत अधिक खराब हुई।
छात्रा को छुट्टी न देने के आरोप निराधार: दलजीत
डायरेक्टर पब्लिक रिलेशन दलजीत अमी ने बताया कि घायल प्रोफेसर अस्पताल में दाखिल हैं। उनके सिर पर चोट लगी है। उन्होंने प्रोफेसर सुरजीत सिंह पर छात्रा को छुट्टी न देने के आरोप को निराधार बताया। छात्रा को इलाज के लिए कई बार छुट्टी दी गई। जश्नप्रीत कौर को अस्थमा था। पहले उसने साल 2021 में पीयू में दाखिला लिया था लेकिन बीमार होने पर बीच में कोर्स छोड़कर चली गई। दो साल बाद अब जश्नप्रीत कौर ने दोबारा पीयू में दाखिला लिया था।