आरोपी इनोवा कार से हथियारों की खेप को तेलंगाना के आदिलाबाद पहुंचाने जा रहे थे। कार में हथियार और नकदी छिपाने के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गई कैविटी बनाई गई थी। 24 मई, 2022 को एनआईए ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली थी।
मधुबन में थाने में दर्ज हुआ था केस
हरियाणा के मधुबन पुलिस स्टेशन में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967 की विभिन्न धाराओं, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 4 और 5 और शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया गया था। एनआईए की जांच में खुलासा हुआ था कि चारों लोगों को हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक और नशीले पदार्थों की कई खेप मिली थी। इसे वांछित आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा ने ड्रोन के माध्यम से पाकिस्तान से भारत भेजी थी।
गोपी ने हथियारों की तस्करी से खूब कमाई की
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि हथियारों की ये खेफ भारत-पाक सीमा के पास पूर्व-निर्धारित स्थानों पर पहुंचाई गई। आगे की जांच से पता चला कि गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी ने हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक और नशीले पदार्थों की तस्करी करके बहुत पैसा कमाया था।
व्यापक जांच के बाद सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद 25 गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967 के प्रावधानों के तहत इस साल 30 मार्च को एजेंसी ने इनोवा कार और 7,80,000 रुपये की नकद जब्त की थी। अब पंचकूला स्थित एनआईए की विशेष अदालत ने उक्त संपत्ति को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967 की धारा 26 के तहत संपत्ति को इस आधार पर जब्त कर लिया है कि यह आतंकवाद की आय है।