उन्होंने कहा कि संदोआ आप नेता हिम्मत सिंह शेरगिल की शादी में शामिल होने गए थे लेकिन उनको एक पुराने मामले में शिकायत के कारण कनाडाई अधिकारियों ने पूछताछ के लिए रोक लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा स्पीकर कुलतार संधवां ने पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट प्राप्त करने और संदोआ को कनाडा में जाने की सुविधा प्रदान करने में मदद की। इससे दुनिया भर में प्रदेश के बारे में गलत संदेश गया है। नेताओं ने राज्यपाल से मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि संदोआ को जारी किया गया पुलिस क्लीयरेंस प्रमाण पत्र वापस लिया जाना चाहिए और मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने मंत्रियों लाल चंद कटारूचक्क और अमन अरोड़ा को गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने से रोकने का भी आग्रह किया। राज्यपाल से बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मजीठिया ने कहा कि उन्होंने तीन महीने पहले मुख्यमंत्री को सूचित किया था कि उनके पास मंत्री का एक कथित आपत्तिजनक वीडियो है और वह इसे उन्हें सौंपना चाहते हैं। बावजूद इसके मुख्यमंत्री ने उनसे मुलाकात नहीं की। यहां तक कि मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय मेरे खिलाफ बदलाखोरी की कार्रवाई शुरू की गई।