इसलिए नहीं बनी बात
कांग्रेस हाईकमान पंजाब में दिल्ली जैसा कोई फॉर्मूला अपनाने को तैयार नहीं है, जिसका मुख्य कारण यह है कि आप मालवा बेल्ट की अधिकांश सीटें चाहती है, जबकि कांग्रेस इसके लिए तैयार नहीं है। ऐसा करने से कांग्रेस की अनेक पक्की सीटों पर भी आप के प्रत्याशी उतारने पड़ेंगे, जो कांग्रेस के पंजाब में भविष्य के लिए भी लाभ का सौदा नहीं है। दूसरी तरफ विधानसभा चुनाव में भी मुख्य मुकाबला आप और कांग्रेस के बीच ही था, ऐसे में कांग्रेस को अपना बड़ा वोट शेयर हाथ से निकलने की आशंका है।
आप बना चुकी है भावी प्रत्याशियों की सूची
इस बीच, आप के सूत्रों के अनुसार पार्टी ने 13 सीटों के लिए भावी उम्मीदवारों की एक सूची भी तैयार कर ली है, जिसमें 40 नाम शामिल हैं। इस तरह प्रत्येक सीट के लिए 3-3 भावी उम्मीदवारों की सूची बनाई गई है, जिन पर अंतिम फैसला लेने से पहले पार्टी की तरफ से सर्वे करवाया जाएगा और स्थानीय लोगों की पसंद के व्यक्ति को उम्मीदवार घोषित किया जाएगा।
इंडिया गठबंधन को झटका
पंजाब में आप और कांग्रेस के एक साथ नहीं आने से राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों के ‘इंडिया’ गठबंधन को झटका लगा है, क्योंकि इस गठबंधन में शामिल सभी दलों ने यह फैसला किया था कि वे सभी राज्यों में प्रत्येक सीट पर एक-एक उम्मीदवार उतारकर भाजपा को सीधी चुनौती देंगे। कांग्रेस और आप के बीच दिल्ली और गुजरात में तो सीट-शेयरिंग का फैसला हो गया है लेकिन पंजाब में स्थानीय कांग्रेसी नेता और आप नेता सीट-शेयरिंग का विरोध कर रहे हैं। पंजाब में गठबंधन नहीं हो पाने के कारण इंडिया गठबंधन की मूल अवधारणा को झटका लगा है।
पंजाब कांग्रेस के नेता शुरू से कर रहे थे विरोध
आम आदमी पार्टी से सीट शेयरिंग को लेकर पंजाब कांग्रेस के नेता भी विरोध जता रहे थे। इनमें पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा, पूर्व मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा, भारत भूषण आशु, साधु सिंह धर्मसोत, विधायक राजकुमार चब्बेवाल, विक्रमजीत सिंह चौधरी, बलविंदर सिंह धालीवाल, अरुणा चौधरी आदि नेता विरोध में थे, जबकि नवजोत सिंह सिद्धू सहित कुछ नेता गठबंधन के पक्ष में भी थे। स्थानीय नेता कई बार पंजाब प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव के सामने भी गठबंधन को लेकर विरोध जता चुके थे। हाल ही में हुई बैठकों में यह बात सामने आई थी।
2019 की स्थिति
- कुल सीटें- 13
- कांग्रेस- 8
- आप- 1
- शिअद- 2
- भाजपा- 2