पंजाब के सीएम चरणजीत चन्नी के चार्टर्ड विमान से दिल्ली जाने पर विवाद।
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पंजाब में इन दिनों मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की दिल्ली चार्टर्ड विमान से यात्रा पर विवाद गहराया हुआ है। आम आदमी सहित विपक्षी दल भी उनकी इस हवाई यात्रा को लेकर हमलावर हैं। हालांकि चन्नी से पहले के मुख्यमंत्री भी हवाई यात्रा पर करोड़ों रुपये खर्च कर चुके हैं। 2014 से अभी तक मुख्यमंत्रियों के इस हवाई शौक पर लगभग 22 करोड़ रुपये फूंके जा चुके हैं। एक आरटीआई में यह खुलासा हुआ है, जिसमें विभाग की तरफ से कहा गया है कि इन हवाई सफर का पैसा जनता के टैक्स से भरा जाता है।
चरणजीत सिंह चन्नी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के एक दिन बाद कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू, उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और ओपी सोनी के साथ दिल्ली रवाना हुए थे। इस यात्रा के लिए उन्होंने सरकारी हेलिकॉप्टर को छोड़कर एक निजी चार्टर्ड प्लेन का प्रयोग किया था। जबकि इससे पहले मुख्यमंत्री ने बयान दिया था मैं एक आम आदमी हूं और पंजाब की यह सरकार आम आदमी की सरकार है।
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इसके बाद से सूबे में चन्नी की हवाई यात्रा को लेकर सियासत गरमाई हुई है। हालांकि चन्नी से पहले के मुख्यमंत्री भी हवाई यात्राओं पर करोड़ों रुपये फूंक चुके हैं। एक आरटीआई में खुलासा हुआ है कि 2014 से लेकर 2021 तक प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों की ओर से हवाई यात्राओं पर 21 करोड़ 73 लाख 99 हजार 473 रुपये खर्च किए गए। शहरी हवाबाजी विभाग, चंडीगढ़ के अनुसार मुख्यमंत्रियों की इस हवाई शौक का खर्चा जनता के टैक्स से किया जाता है।
2016-17 में हुआ सबसे ज्यादा 5 करोड़ खर्च
निदेशक शहरी हवाबाजी विभाग, चंडीगढ़ द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्रियों के इस हवाई शौक पर 2016-17 के दौरान सबसे अधिक खर्च किया गया। इस वित्तीय वर्ष में लगभग 5 करोड़ रुपये की राशि हवाई यात्राओं पर खर्च की गई। यह साल सूबे का चुनावी वर्ष था, इसके बाद 2019-20 में लगभग चार करोड़ रुपये खर्च हुए।