राजस्व पटवार यूनियन ने 3193 सर्कलों में कलम छोड़ हड़ताल की घोषणा की थी। हालांकि शुक्रवार को पटवारियों ने हड़ताल टाल दी लेकिन अतिरिक्त वर्कलोड से हाथ खींच लिया। यूनियन ने पंजाब सरकार द्वारा लागू किए गए एस्मा कानून को हाईकोर्ट में चुनौती देने का एलान भी कर दिया है।
यूनियन के प्रधान हरवीर सिंह ढींडसा और कानूनगो यूनियन पंजाब के प्रधान मोहन सिंह भेडपुरा ने कहा कि पंजाब सरकार लंबे समय से पटवारियों की मांगों को लागू नहीं कर रही है। उन्होंने यह मांग भी की कि नए भर्ती पटवारियों को घोषणा के अनुसार 5000 रुपये की बजाय बेसिक वेतन दिया जाए और प्रशिक्षण अवधि एक वर्ष करते हुए पटवारियों के वेतन अंतर को समाप्त किया जाए।
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एस्मा को लेकर नेताओं ने कहा कि सरकार को कड़ा जवाब दिया जाएगा और एस्मा लागू करने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी। दोनों नेताओं ने कहा कि वे किसी भी तरह के भ्रष्टाचार का समर्थन नहीं करते लेकिन पटवारियों के खिलाफ जो भी जांच हो, वह नियमानुसार की जाए और यह जांच 17-ए के तहत की जाए। नेताओं ने यह भी कहा कि रिक्त पदों पर भर्ती नहीं करना और जो काम कर रहे हैं उन पर अधिक काम का बोझ डालना भी सरकारी भ्रष्टाचार का एक रूप है। उन्होंने यह भी मांग की कि प्रमोशन के समय अनुभव को 7 साल से घटाकर पांच साल किया जाए।