चंडीगढ़। शहर में इस हफ्ते लॉकडाउन में पाबंदियां बढ़ेंगी या फिर पंजाब की तर्ज पर छूट मिलेगी, इस पर फैसला सोमवार को पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की होने वाली समीक्षा बैठक में लिया जाएगा। शहर का व्यापारी वर्ग छूट देने की मांग कर रहा है, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि कोरोना का फैलाव रोकना है तो संपूर्ण लॉकडाउन ही एकमात्र रास्ता है।
सूत्रों के अनुसार यूटी प्रशासन पंजाब की तर्ज पर शहरवासियों को कुछ छूट दे सकता है। एक बार फिर ऑड-ईवन के फॉर्मूले पर शहर में गैर-जरूरी श्रेणी में आने वाली दुकानों को खोलने की छूट दी जा सकती है। शहर के कुछ व्यापारी संगठन इसकी मांग कर रहे हैं। हार्डवेयर जैसी कुछ दुकानों को खाने-पीने की दुकानों की तर्ज पर सिर्फ होम डिलिवरी के लिए खोले जाने पर विचार चल रहा है। पंजाब में लॉकडाउन के दौरान भी शराब के ठेके व हार्डवेयर की दुकानें खोली गई हैं, लेकिन यूटी प्रशासन ने इन्हें खोलने से मना कर दिया था। शहर के विभिन्न व्यापारी संगठनों ने पिछले दिनों प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा के साथ कई बैठकें कर राहत देने की मांग की है। प्रशासन ने इन सभी पर आखिरी फैसला लेने के लिए सोमवार को समीक्षा बैठक बुलाई है। बैठक में ही तय होगा कि इस हफ्तें सख्ती बढ़ेगी या फिर छूट मिलेगी।
22 से 25 प्रतिशत के बीच है सकारात्मकता दर, केंद्र ने भी जताई है चिंता
शहर में पिछले एक हफ्ते से मिनी लॉकडाउन है। गैर-जरूरी दुकानें पूरी तरह से बंद हैं, लेकिन इसका फायदा शहर को नहीं मिला है। तीन मई को शहर में मिनी लॉकडाउन लगाने की घोषणा की गई थी, तब शहर में सकारात्मकता दर 23 फीसदी थी और पांच दिन बाद भी रविवार को सकारात्मकता दर 23 फीसदी ही थी। शहर की सकारात्मकता दर को लेकर शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की संयुक्त सचिव आरती आहूजा ने चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि चंडीगढ़ समेत कुछ राज्यों में सकारात्मकता दर कम नहीं हो रही है, यह चिंता की बात है। उन्होंने कहा था कि स्वास्थ्य मंत्रालय यूटी चंडीगढ़ के अधिकारियों के संपर्क में है।
व्यापारियों की मांग- फैसला लेने से पहले, उनसे हो चर्चा
शहर में व्यापारी संगठन छूट देने की मांग कर रहे हैं। चंडीगढ़ उद्योग व्यापार मंडल के संयोजक कैलाश चंद जैन का कहना है कि लॉकडाउन को आगे बढ़ाने का कोई भी फैसला लेने से पहले प्रशासन को व्यापारियों से बात करना चाहिए। जैन ने कहा कि व्यापारी क्या चाहते हैं, इसके लिए प्रशासन को सभी व्यापारिक संगठनों व व्यापारियों के साथ बैठक कर लॉकडाउन के संबंध में सभी पहलुओं पर विचार करना चाहिए। हालांकि, उन्होंने कहा है कि कोरोना फैल रहा है और ऐसा लग रहा है कि कोरोना की इस बढ़ती हुई चेन को तोड़ने के लिए संपूर्ण लॉकडाउन के अलावा कोई चारा नजर नहीं है। जैन ने कहा है कि आधे-अधूरे लॉकडाउन से कोरोना की चेन भले न टूटे, शहर के व्यापारियों की कमर जरूर टूट जाएगी।