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85 लाख की धोखाधड़ी में रामलाल चौधरी गिरफ्तार

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चंडीगढ़। सेक्टर-34 थाना पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर व फाइनेंसर रामलाल चौधरी को 85 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में शुक्रवार को बुड़ैल जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने अदालत से आरोपी का दो दिन का रिमांड लिया है। इस मामले में पुलिस शनिवार को शिकायतकर्ता और आरोपी को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी।
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पुलिस के मुताबिक रामलाल चौधरी ने लुधियाना निवासी तेजा सिंह से उसके बेटे को हत्या के एक मामले में बरी करवाने के लिए रुपये लिए थे, लेकिन उसके बेटे को अदालत से सजा हो गई। इस मामले में सेक्टर-34 थाना पुलिस ने रामलाल के खिलाफ 10 जनवरी 2022 को तीसरी एफआईआर दर्ज की थी। रामलाल के खिलाफ सेक्टर-34 थाने में धोखाधड़ी की पहले से ही दो एफआईआर दर्ज हैं।
तेजा सिंह ने बताया कि वह किसान है। साल 2012 में उसके बेटे बरजिंदर सिंह को पुलिस ने हत्या के एक केस में गिरफ्तार किया था। वर्ष 2014 में मुकदमे के दौरान वह जरनैल सिंह निवासी ग्राम बिरमी, जिला लुधियाना (पंजाब) के माध्यम से रामलाल चौधरी के संपर्क में आया। रामलाल चौधरी ने आश्वासन दिया कि वह उनके बेटे को मामले से बरी करवा देगा। इसके लिए रामलाल ने एक करोड़ 20 लाख रुपये की मांग की, लेकिन एक करोड़ 10 लाख में बात तय हुई। इसके बाद तेजा सिंह ने अपनी जमीन बेचकर रुपये इकट्ठे किए।
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तेजा सिंह ने 9 जनवरी 2014 को रामलाल को उसकी बेटी, लुधियाना के गांव हम्बड़ां निवासी रणजीत सिंह, लुधियाना के गांव कटारी निवासी करमजीत सिंह और लुधियाना के गांव बिरमी निवासी जरनैल सिंह की उपस्थिति में एक करोड़ 10 लाख रुपये दिए। इसकी शिकायतकर्ता ने वीडियो रिकॉर्डिंग भी की थी। इस वीडियो को तेजा सिंह ने पुलिस को सौंपा है। वीडियो में तेजा सिंह रामलाल को रुपये देते हुए दिख रहा है। इस दौरान रामलाल की बेटी भी वहां मौजूद थी। उसकी बेटी की तस्वीर भी वीडियो में है। छह साल बीत जाने के बाद उनका बेटा जब बरी नहीं हुआ तो उन्होंने रामलाल से अपने रुपये वापस मांगे। रामलाल ने उसे 25 लाख रुपये वापस कर दिए, लेकिन उसके बाद रुपये मांगने पर रामलाल धमकियां देने लगा।
पुलिस ने 11 नवंबर को किया था रामलाल को गिरफ्तार
चंडीगढ़ पुलिस ने 11 नवंबर को गुड़गांव के अतुल्य शर्मा से 5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत पर रामलाल चौधरी के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी की अलग-अलग जगहों पर करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपये की संपत्तियां हैं। इन संपत्तियों में ज्यादातर उसके बड़े बेटे के नाम पर दर्ज हैं। पुलिस को रामलाल के बेटे और बेटी की भी तलाश है।
पूर्व जिला राजस्व अधिकारी से धोखाधड़ी में हुई थी दूसरी एपुआईआर
रामलाल पर पंचकूला के पूर्व जिला राजस्व अधिकारी नरेश कुमार के साथ 6 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का भी आरोप है। नरेश ने शिकायत में बताया कि फरवरी 2015 में विजिलेंस हरियाणा को 250 करोड़ रुपये के गबन की शिकायत मिली थी। केस से नाम निकालने के नाम पर रामलाल चौधरी ने 6 करोड़ मांगे थे। आरोपी को पहली किस्त के तौर पर तीन करोड़ रुपये देने के बावजूद विजिलेंस ने उसका नाम एफआईआर में दर्ज कर लिया था।
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कोट-
तीसरी एफआईआर में जांच पड़ताल के लिए रामलाल को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया गया है। दो दिन के रिमांड में रामलाल से पूछताछ जारी है।
-कुलदीप चहल, एसएसपी
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