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गांवों और कॉलोनियों के 22 हजार घरों को अब देना होगा संपत्ति कर

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चंडीगढ़। शहर के 13 गांवों और कॉलोनियों के 22 हजार घरों को संपत्ति कर देना होगा। नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए संपत्ति कर बिल भेजना शुरू कर दिया है। कॉलोनियों के 18 हजार घरों को ये बिल जारी हो चुके हैं जबकि पिछले महीने अधिसूचना जारी होने के बाद 13 गांवों के 4 हजार घरों को भी बिल भेजा जा रहा है। निगम ने बताया कि एक माह में कॉलोनियों से 20 लाख रुपये का संपत्ति कर मिल चुका है। बता दें कि 31 मई तक कर जमा न करवाने पर जुर्माना भी देना होगा।
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निगम आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने बताया कि वर्ष 2019 में कॉलोनियों से संपत्ति कर लेने की अधिसूचना जारी हुई थी, वहीं बीते 28 मार्च को निगम में शामिल 13 गांवों से भी संपत्ति कर लेने की अधिसूचना जारी हो गई। इस दौरान कोई आंकड़ा नहीं था, जिससे घरों की संख्या का आकलन किया जा सके इसलिए निगम ने सर्वे कराया। इसमें पता चला कि कॉलोनियों में 18 हजार और गांवों में लगभग 4 हजार घर हैं, जिनसे निगम को संपत्ति कर लेना है। इसके बाद बिल भेजा जा रहा है। कॉलोनियों से अभी तक 19 लाख 89 हजार रुपये संपत्ति कर आ चुका है। बता दें कि शहर में 26 हजार व्यावसायिक और 80 हजार आवासीय संपत्तियां हैं, जिनका हर साल निगम को संपत्ति कर आता है।
80 करोड़ के राजस्व का लक्ष्य, 7 करोड़ अब तक जमा
आयुक्त ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में नगर निगम ने 80 करोड़ राजस्व लाने का लक्ष्य रखा है। इसमें से अभी तक 7 करोड़ आ चुका है। शेष राशि भी जल्द इकट्ठी हो जाएगी। पिछले वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए निगम ने 55 करोड़ के राजस्व का लक्ष्य रखा था, जिसके सापेक्ष 70 करोड़ राजस्व इकट्ठा किया गया था।
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सेल्फ असेसमेंट स्कीम के लिए एक माह शेष
नगर निगम हर साल संपत्ति कर भरने के लिए लोगों को सेल्फ असेसमेंट स्कीम का लाभ देता है। इसके अंतर्गत एक अप्रैल से 31 मई तक आवासीय और व्यावसायिक संपत्ति कर जमा करवाने वालों को छूट दी जाती है। योजना के अंतर्गत व्यावसायिक संपत्ति पर 10 प्रतिशत और आवासीय संपत्ति पर 20 प्रतिशत की छूट मिलती है। लोगों के पास अभी एक माह का समय है, जिसमें वह योजना का लाभ उठा सकते हैं।
पार्षदों का कहना, जब तक सुविधाएं नहीं, बोझ न डालें
पिछले कार्यकाल में जब यह एजेंडा सदन में लाया गया था उस दौरान पार्षदों ने इसका विरोध किया था। शिरोमणि अकाली दल के पार्षद हरदीप सिंह ने कहा था कि जब तक गांव में सभी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलतीं तब तक हमें लोगों पर बोझ नहीं डालना चाहिए। गांव में विकास कार्यों के लिए निगम ने पब्लिक हेल्थ के कार्यों का ठेका देकर काम शुरू करा दिया है। वहीं अन्य कार्यों के लिए फंड न होने का हवाला देकर प्रशासन को पत्र लिख दिया है। इसमें सहमति हुई कि रोड, भवन मरम्मत और बिजली का काम प्रशासन कराएगा।
कोट
अधिसूचना के अनुसार ही गांवों व कॉलोनियों में संपत्ति कर भरने के लिए बिल भेजे जा रहे हैं। कॉलोनी के लोगों का संपत्ति कर भरने में रुझान दिखने लगा है। गांव में मूलभूत सुविधाओं का काम करवाया जा रहा है।
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-आनिंदिता मित्रा, आयुक्त, नगर निगम
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