हरियाणा विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल जैसे ही सदन से बाहर निकले तो पंजाब के शिअद विधायकों ने उन्हें घेरने की कोशिश की। मनोहर लाल ने कृषि कानूनों को किसानों के हित में बताना शुरू किया तो पहले से ही तैयारी में पहुंचे अकाली विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी।
उन्होंने कृषि कानूनों के विरोध में हरियाणा विधानसभा के बाहर जमकर हंगामा किया। काले झंडे लेकर पहुंचे विधायकों ने पीएम नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल के खिलाफ नारेबाजी की। विधानसभा परिसर में पुलिस से धक्कामुक्की के बीच नारेबाजी करते हुए अकाली विधायक मुख्यमंत्री के करीब पहुंचे तो सुरक्षा कर्मचारियों ने सुरक्षा दीवार बनाकर उन्हें रोक दिया।
15 मिनट तक चले इस घटनाक्रम के दौरान सुरक्षा कर्मचारियों में खलबली का माहौल रहा। पुलिस ने विधायकों को रोका और उन्हें पंजाब विधानसभा परिसर की तरफ ले गए। तब कड़ी सुरक्षा के बीच मुख्यमंत्री मनोहर लाल का काफिला विधानसभा से रवाना हुआ।
काले झंडे लहराते हुए पार्किंग में पहुंच गए अकाली विधायक
विधायक दल के नेता शरनजीत सिंह ढिल्लों और बिक्रम सिंह मजीठिया की अगुवाई में विधायक लखबीर सिंह लोधीनंगल, एनके शर्मा, मनप्रीत अयाली, गुरप्रताप सिंह वडाला, हरिंदरपाल सिंह चंदूमाजरा, कंवरजीत सिंह रोजी बरकंदी तथा बलदेव खैरा हाथों में तख्ती और काले झंडे लहराते हुए हरियाणा विधानसभा के बाहर पार्किंग परिसर में पहुंच गए। सभी विधायक सीएम मनोहर की तरफ बढ़े, इससे पहले ही पुलिस कर्मचारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान विधायकों और पुलिस के बीच जमकर धक्कामुक्की भी हुई।
पुलिस ने हमें रोकने की कोशिश की, ये गलत है : मजीठिया
अकाली विधायक बिक्रम सिंह मजीठिया समेत अन्य ने कहा कि हरियाणा पुलिस ने विधानसभा के बाहर पंजाब के विधायकों को रोकने की कोशिश की, ये गलत है। सदन में भाजपा की सरकार विश्वास मत हासिल करने के बाद भी हारी है, क्योंकि सीएम विरोध से डरते हैं और सामना करने से पहले ही उनको यहां से निकलना पड़ा। अकाली दल अन्नदाता के साथ है, इसलिए सरकार को पंजाब-हरियाणा समेत देश के तमाम किसानों की बात सुननी चाहिए।
स्पीकर ने पंजाब सरकार को लिखा पत्र
हरियाणा विधानसभा के स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने अकाली विधायकों द्वारा किए गए हंगामे की निंदा की है। साथ ही इस तरह की घटना दोबारा ना हो, इसके लिए पंजाब सरकार को पत्र भी लिखा है। गुप्ता ने बताया कि उन्होंने पंजाब विधानसभा के स्पीकर राणा केपी सिंह से फोन पर बात की है, उन्होंने भी इस घटना पर अफसोस व्यक्त किया।