लुधियाना में हड़ताल पर बैठे संविदा कर्मी।
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अपनी लंबित मांगों को लेकर सोमवार को पंजाब रोडवेज एवं पनबस कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने चक्काजाम कर दिया। यूनियन नेताओं ने बस स्टैंड के अंदर धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान लुधियाना डिपो से 300 बसें नहीं चलीं। संगरूर डिपो की 109 बसों में से सोमवार को 50 बसें ही चलीं। इसके साथ ही मुक्तसर और पठानकोट में बसों की हड़ताल से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस हड़ताल का फायदा निजी बस चालकों ने खूब उठाया। हड़ताल के चलते आम लोगों को निजी बस में सफर करना पड़ा। वहीं सरकारी बसों में मुफ्त सफर की सुविधा से महिलाओं को भी वंचित रहना पड़ा। यूनियन ने साफ कर दिया है कि बुधवार तक उनकी हड़ताल इसी तरह जारी रहेगी।
लुधियाना डिपो में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए प्रदेश उपप्रधान सतनाम सिंह, गुरप्रीत सिंह वड़ैच, गुरविंदर सिंह, जतिंदर कुमार, परमिंदर सिंह ने कहा कि सरकार को लंबे समय से मांगों से संबंधित पत्र भेजा जा रहा है। 10 मई को मांगों संबंधी हड़ताल का नोटिस मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री, सचिव, पीआरटीसी के एमडी, डायरेक्टर स्टेट ट्रांसपोर्ट को भेजने के बावजूद बैठक नहीं बुलाई गई है।
मुक्तसर में धरने के दौरान पनबस कर्मचारियों ने घोषणा की है कि संघर्ष के तहत 29 जून को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के मोती महल का घेराव किया जाएगा। ठेका आधारित कर्मियों ने बताया कि पंजाब में पनबस के 18 डिपो और पीआरटीसी के 9 डिपो पर मुलाजिम तीन दिन यानि 30 जून तक हड़ताल पर रहेंगे।