फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Punjab News: विधानसभा में पंजाब पुलिस संशोधन विधेयक पारित, अब पंजाब कैडर का IPS ही होगा डीजीपी

Wed, 21 Jun 2023 12:03 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

संशोधित बिल के अनुसार राज्य सरकार डीजीपी के चयन के लिए इम्पैनलमेंट कमेटी का गठन करेगी। इसमें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रिटायर्ड चीफ जस्टिस चेयरमैन होंगे, जबकि राज्य के मुख्य सचिव, यूपीएससी का एक प्रतिनिधि, पंजाब पब्लिक सर्विस कमीशन के चेयरमैन, केंद्रीय गृह मंत्रालय का एक प्रतिनिधि, पंजाब के रिटायर्ड डीजीपी सदस्य के रूप में शामिल होंगे।
विज्ञापन
पंजाब के सीएम भगवंत मान। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब विधानसभा ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के पद पर उपयुक्त व्यक्ति के चयन और नियुक्ति के लिए मजबूत तंत्र स्थापित करने के उद्देश्य से पंजाब पुलिस एक्ट 2007 में संशोधन को मंजूरी दे दी। मंगलवार को सदन में दी पंजाब पुलिस (संशोधन) बिल 2023 ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।

विज्ञापन


इसके तहत पंजाब पुलिस एक्ट 2007 में, धारा 6 के स्थान पर 6 (1) को प्रतिस्थापित करते हुए डीजीपी के चयन की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब राज्य में डीजीपी के पद पर पंजाब कैडर के उन आईपीएस अधिकारियों को नियुक्त किया जा सकेगा, जो पंजाब में डीजीपी के रैंक में प्रमोट हुए हों और जिनका सेवाकाल, पद रिक्त होने की तिथि तक 30 साल का हो चुका हो और न्यूनतम छह माह का कार्यकाल बाकी हो।

संशोधित बिल में कहा गया कि डीजीपी के चयन, नियुक्ति और हटाने के लिए एक उचित तंत्र स्थापित करना आवश्यक है, जो सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब के सामने आने वाली विशिष्ट चुनौतियों को ध्यान में रखेगा। इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए पंजाब पुलिस अधिनियम, 2007 की धारा 6 में संशोधन का प्रस्ताव किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

गौरतलब है कि जब से सुप्रीम कोर्ट ने 'प्रकाश सिंह व अन्य बनाम भारत संघ' केस पर अपने फैसले में यूपीएससी के माध्यम से डीजीपी की नियुक्ति की प्रक्रियाएं निर्धारित कीं, तब से पंजाब सरकार यह मुद्दा उठाती रही है कि 'कानून-व्यवस्था' राज्य का विषय है।

यह होगी चयन प्रक्रिया

संशोधित बिल के अनुसार राज्य सरकार डीजीपी के चयन के लिए इम्पैनलमेंट कमेटी का गठन करेगी। इसमें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रिटायर्ड चीफ जस्टिस चेयरमैन होंगे, जबकि राज्य के मुख्य सचिव, यूपीएससी का एक प्रतिनिधि, पंजाब पब्लिक सर्विस कमीशन के चेयरमैन, केंद्रीय गृह मंत्रालय का एक प्रतिनिधि, पंजाब के रिटायर्ड डीजीपी सदस्य के रूप में शामिल होंगे।

पंजाब के गृह मामले एवं न्याय विभाग के प्रशासनिक सचिव सदस्य व कन्वीनर के रूप में शामिल होंगे। यह कमेटी योग्य अधिकारियों के पूल में से तीन सबसे सीनियर अधिकारियों का पैनल चुनेगी, इसके लिए संबंधित अधिकारियों का सेवाकाल, उनका अच्छा रिकॉर्ड और पुलिस बल के नेतृत्व के अनुभव का आकलन किया जाएगा। इस तरह, राज्य सरकार कमेटी द्वारा सुझाए तीन अधिकारियों के पैनल में से किसी एक अधिकारी का डीजीपी पद के लिए चयन करेगी। यह नियुक्ति दो साल के लिए होगी। हालांकि डीजीपी की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होने तक राज्य सरकार डीजीपी रैंक के किसी भी अधिकारी को डीजीपी पद का अतिरिक्त चार्ज दे सकती है।

गौरतलब है कि पंजाब में इस समय आईपीएस अधिकारी गौरव यादव कार्यकारी डीजीपी के रूप में कार्य कर रहे हैं। इस पद पर नियमित नियुक्ति के लिए यूपीएससी ने राज्य सरकार से कई बार अफसरों का पैनल भेजने को लिखा है लेकिन सरकार ने अब तक पैनल नहीं बनाया है। इस बीच गौरव यादव को कार्यकारी डीजीपी के रूप में काम करते हुए छह माह से ज्यादा समय बीत चुका है और नियमानुसार डीजीपी के पद पर किसी भी अधिकारी की अस्थायी नियुक्ति छह माह के अधिक अवधि के लिए नहीं हो सकती।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें