नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे के समर्थन में रजिया सुल्ताना ने भी मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। चरणचीत सिंह चन्नी की सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया और जलापूर्ति एवं स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास, प्रिंटिंग एंड स्टेशनरी विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री रजिया सुल्ताना ने सोमवार को अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के पद से नवजोत सिंह के इस्तीफे के समर्थन में रजिया सुल्ताना ने अपना मंत्री पद छोड़ दिया था। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की अध्यक्षता में पंजाब भवन में हुई कैबिनेट की बैठक में रजिया सुल्ताना ने प्रतिभाग कर इस्तीफा वापस लेने पर मुहर लगा दी है।
रजिया सुल्ताना सिद्धू के काफी करीबी नेता हैं। अपने इस्तीफे के बाद वह पंजाब सरकार की दो कैबिनेट बैठकों में भी शामिल नहीं हुई थीं। हालांकि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया था। जिसके बाद यह कयास लगाए जा रहे थे कि रजिया सुल्ताना जल्द ही अपना इस्तीफा वापस ले लेंगी।
मुख्यमंत्री पद पर चरणजीत सिंह चन्नी के नाम की घोषणा होने के बाद यह तय हुआ था कि मंगलवार को कैबिनेट बैठक आहुत की जाएगी लेकिन इस बार सेामवार को ही कैबिनेट बैठक बुला ली गई। इससे पहले मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी राहुल गांधी के साथ लखीमपुर दौरे पर थे और फिर रविवार को अपने बेटे की शादी के कार्यक्रम में व्यस्त थे।
सिद्धू के इस्तीफे पर अभी कोई फैसला नहीं
नवजोत सिंह सिद्धू ने 28 सितंबर को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। जिसके बाद उनके समर्थन में रजिया सुल्ताना ने भी इस्तीफा दे दिया था। हालांकि आलाकमान ने अभी तक नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे को लेकर कोई फैसला नहीं किया है। लखीमपुर घटना में सिद्धू की सक्रियता के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि आलाकमान ने सिद्धू को इस्तीफे को लेकर सकारात्मक संदेश दिए हैं।