पंजाब में धान खरीद पर रोक लगाने की खबरों के बीच कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु ने साफ किया है कि किसी भी किसान को परेशानी नहीं होगी। हमने मंडियों के माध्यम से लगभग 97% या 180-189 लाख मीट्रिक टन फसलों की खरीद की है। शेष 2-3 फीसदी की खरीद एक अतिरिक्त विंडो के साथ 2-3 दिनों में कर ली जाएगी।
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पंजाब सरकार ने मंडियों में धान की खरीद का समय 11 नवंबर शाम तक तय कर दिया था। कहा गया था कि इसके बाद किसी मंडी में खरीद नहीं होगी। वहीं छोटी मंडियों में यह खरीद 10 नवंबर तक होगी। सरकार के अचानक फैसले से केवल किसान नहीं बल्कि आढ़ती भी परेशान हो गए है। क्योंकि ज्यादातर एरिया में अभी 20 फीसदी फसल का आना बाकी है, ऐेसे में अगर सरकार ने अनाज मंडियों को बंद कर दिया तो किसान कहां जाएंगे।
मार्केट कमेटी सचिव जगरांव की तरफ से मंगलवार को आढ़तियों को एक पत्र भेजा गया था। इस पत्र में कहा गया था कि ग्रामीण स्तर पर बनी मंडियों में 10 नवंबर तक धान लिया जाए, इन्हें 11 नवंबर को बंद कर दिया जाएगा। बड़ी अनाज मंडियों में 11 नवंबर तक धान आएगा, उन्हें 12 नवंबर से बंद कर दिया जाए। सभी आढ़ती किसानों को यह सूचना व्हाट्सएप से देंगे, ताकि इसके बाद कोई विवाद न हो। वहीं जिले के सभी बीडीपीओ भी गांव में अनाउंसमेंट करवा किसानों को सूचित करेंगे कि इस दिन के बाद धान की खरीद मंडियों में नहीं होगी। इसलिए सभी आढ़ती अपने स्तर पर गांव-गांव किसानों को सूचना दे, ताकि वह समय रहते अपनी फसल को लेकर पहुंच सके।