हरियाणा के कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने एसवाईएल नहर के पानी के बंटवारे पर पंजाब सरकार के रुख पर नाराजगी जाहिर की है।
उन्होंने कहा है कि अगर पंजाब सरकार मसले को सुप्रीम कोर्ट ले गई है तो हरियाणा भी कानूनी लड़ाई लड़कर अपने हिस्से का पानी लेगा। मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में धनखड़ ने कहा कि हरियाणा केवल अपने हिस्से के पानी की बात करता है। उन्होंने पंजाब के रुख पर अफसोस जाहिर किया।
उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों को आपस में यह मसला सुलझा लेना चाहिए था, लेकिन पंजाब के अदालत में चले जाने के बाद हरियाणा को भी अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा है। विश्वास जताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सतलुज-यमुना लिंक नहर और हांसी-बुटाना नहर के जरिए हरियाणा में पानी पहुंचेगा।
केंद्र से रुख पर बादल को ऐतराज
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट में हरियाणा का पक्ष लिए जाने पर पंजाब सरकार ने तेवर कड़े कर लिए हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने मंगलवार को केंद्र से रुख पर ऐतराज जताया। कहा कि इस मुद्दे पर कैबिनेट की दो मार्च को बुलाई गई बैठक में विचार-विमर्श किया जाएगा। बादल ने यहां तक कहा कि मामले से देश की फूड सिक्योरिटी भी प्रभावित हो सकती है।