भांखरपुर में भी हो सकता है चंडीगढ़ जैसा हादसा
चंडीगढ़ के एक स्कूल में एक पुराना पीपल का पेड़ गिरने से हुई बच्ची की मौत के बाद अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। घटना के बाद शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी स्कूलों को नोटिस जारी कर स्कूलों में मृत व मुरझाए पेड़ों की जानकारी मांगी है।
डेराबस्सी के गांव भांखरपुर के लोगों ने नाराजगी जताते हा कि उनके गांव के सरकारी स्कूल में सफेदे के सात बड़े पेड़ झुके हुए हैं जो कभी भी गिरकर दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। गांववासी जसविंदर सिंह ने बताया कि 2020 में पत्र लिखकर मामला शिक्षा विभाग के संज्ञान में लाया गया था लेकिन बात कागजी कार्रवाई तक सीमित रही। चंडीगढ़ में पेड़ गिरने से हुई बच्ची की मौत से परिवार को हुए नुकसान की भरपाई कभी नहीं हो सकती। सरकारी स्कूल भांखरपुर के मैदान में सात पेड़ खड़े हैं जो कभी भी गिर सकते है। कई बार स्कूल स्टाफ से शिकायत करने पर भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने पंजाब सरकार से इस संबंध में तत्काल कार्रवाई करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि अगर बारिश और तेज हवा से पेड़ गिरते हैं तो बड़ा नुकसान हो सकता है क्योंकि इनके आसपास बच्चों की कक्षाएं, शौचालय, स्कूल का मैदान और रिहायशी इलाकों में बने लोगों के घर और दुकानें हैं। इस बारे में संपर्क करने पर सरकारी स्कूल की अध्यापिका ज्योति ने कहा कि वे उच्च अधिकारियों की अनुमति के बिना कोई भी पेड़ नहीं काट सकते।
मैंने अभी डेराबस्सी में ड्यूटी शुरू की है। सोमवार को रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। पेड़ काटने की जरूरत पड़ी तो स्कूल स्टाफ से संपर्क कर कार्रवाई की जाएगी। पहले सरकार ने पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी थी जिस कारण कोई पेड़ नहीं काटा जा सका। -जय सिंह, ब्लॉक अधिकारी, वन विभाग डेराबस्सी