पंजाब सरकार ने गैंगस्टरों से निपटने के लिए उत्तरी राज्यों के बीच एक अंतरराज्यीय एंटी गैंगस्टर सेल बनाने की वकालत की है। जयपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में शनिवार को हुई उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में पंजाब की ओर से वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, जल स्रोत मंत्री हरजोत सिंह बैंस, प्रदेश के मुख्य सचिव और पंजाब पुलिस की तरफ से एडीजीपी स्तर के एक अधिकारी ने शिरकत की।
बैठक में चर्चा के दौरान पंजाब के मंत्रियों ने गैंगस्टरों की गतिविधियों के चलते बिगड़ती कानून-व्यवस्था और बार्डर स्टेट होने के कारण पाकिस्तान से नशे और अवैध हथियारों की आमद का मुद्दा उठाया। पंजाब की ओर से मांग की गई कि एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया जाना चाहिए, जिसके जरिये उत्तरी क्षेत्र के राज्य गैंगस्टरों की गतिविधियों के बारे में तुरंत जानकारी साझा करें और अपराधियों को मौके पर दबोचा जा सके। इसके लिए सभी राज्यों को नोडल अफसर नियुक्त करने की सलाह भी दी गई। वहीं अपराधियों से निपटने के लिए अत्याधुनिक उपकरण खरीदने के लिए विशेष पैकेज मांगा।
दोनों मंत्रियों ने इंटेलिजेंस रिपोर्ट का हवाला देते हुए बैठक में कहा कि पंजाब में सक्रिय गैंगस्टर पाकिस्तान सीमा से आने वाली अत्याधुनिक हथियारों की खेप को पंजाब में रिसीव करके, न सिर्फ सूबे में इस्तेमाल करते हैं, बल्कि अन्य राज्यों के अपराधियों को सप्लाई भी करते हैं। इन गैंगस्टरों ने यूपी, एमपी, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, बिहार, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में भी अवैध हथियारों के सप्लायरों के साथ तालमेल बना रखा है, जहां से उन्हें देसी कट्टे, पिस्तौल, रिवॉल्वर ही नहीं, हैंडग्रेनेड जैसे अवैध हथियार भी आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं।
उन्होंने बताया कि भारत के भीतरी इलाकों में अपराधी यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश से अवैध छोटे हथियारों की सोर्सिंग करने लगे हैं। इनके अलावा पंजाब में आतंकवादी भी अवैध हथियारों की खेप भेज रहे हैं, जिनमें से कई हथियार सूबे के गैंगस्टरों के जरिये राज्य पुलिस ने अन्य राज्यों से बरामद किए हैं। इन तरीकों से हासिल किए हथियारों का ही गैंगस्टर और अपराधी पंजाब समेत अन्य राज्यों में इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार को मिले इंटेलिजेंस ब्यूरो के ताजा इनपुट में संकेत दिए गए हैं कि विदेशों में छिपे खालिस्तान समर्थक मध्य प्रदेश के अवैध हथियार निर्माताओं और आपूर्तिकर्ताओं के साथ संबंध बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
हरपाल चीमा ने बैठक में कहा कि पंजाब में हाल में हुई विभिन्न वारदात की जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि वारदात के बाद गैंगस्टर्स भागकर पड़ोसी राज्यों में छिपते हैं और कुछ दिन बाद वहां से अन्य राज्यों में चले जाते हैं। उन्होंने मांग की कि इस मामले में एक संयुक्त प्लेटफार्म बनाते हुए सभी राज्यों में डीजीपी या एडीजीपी रैंक के किसी अधिकारी को नोडल अफसर तैनात किया जाना चाहिए, जो पांचों राज्यों की पुलिस से संपर्क बनाते हुए सूचनाएं साझा करें।
उल्लेखनीय है कि उत्तरी क्षेत्रीय परिषद में पंजाब, हरियाणा, यूटी चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर शामिल है। पंजाब के मंत्रियों ने कहा कि पंजाब बॉर्डर स्टेट है, जिसे आंतरिक सुरक्षा के साथ-साथ सीमापार से ड्रग तस्करी, अवैध हथियारों और ड्रोन के जरिये तस्करी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने पंजाब पुलिस को अत्याधुनिक उपकरण मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार से विशेष पैकेज की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि सुरक्षा और अपराधियों की धरपकड़ के लिए अत्याधुनिक साजोसामान की जरूरत बढ़ गई है।