कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ सांसद प्रताप सिंह बाजवा।
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पंजाब कांग्रेस में चल रही अंतर्कलह पर पार्टी हाईकमान एक दो दिन में बड़ा निर्णय ले सकता है। कैप्टन के खिलाफ खड़े नवजोत सिद्धू पर हाईकमान कुछ मेहरबानी के मूड में है। इस बीच कैप्टन के धुर विरोधी और कांग्रेस सांसद प्रताप सिंह बाजवा ने नवजोत सिद्धू को एक सलाह दी है। बाजवा ने कहा कि जब नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेस में आ रहे थे तो पार्टी के कई वरिष्ठ लोगों ने इसमें रुकावट डाली थी। उस समय उन्होंने सिद्धू की सिफारिश की थी। अब पार्टी हाईकमान और कार्यकर्ता चाहते हैं कि सिद्धू को अहम रोल दिया जाए, लेकिन मेरा मानना है कि शीर्ष स्थान पर पहुंचने के लिए कुछ वक्त भी चाहिए।
बाजवा ने कहा कि पार्टी में आने के बाद कुछ समय दीजिए। जो भी रोल पार्टी देती है, आप उसे निभाएं। तीन सदस्यीय कमेटी के साथ ये सारी बात स्पष्ट हो चुकी है। वे ये बिल्कुल नहीं कहते कि सिद्धू को कोई जिम्मेदारी न दी जाए लेकिन पार्टी में जो लोग लंबे समय से हैं और पार्टी के वफादार हैं, उनको भी मौका दिया जाना चाहिए।
इससे पहले गुरुवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लगातार दूसरे दिन प्रदेश कांग्रेस के विधायकों की शिकायतें सुनीं। कैप्टन ने बुधवार को 16 विधायकों को बुलाया था जबकि गुरुवार को 12 विधायकों को सिसवां स्थित अपने आवास पर दोपहर के खाने पर बुलाया और उनकी नाराजगी दूर की। इनमें दलित समुदाय के नेता भी थे।