विधायक परगट सिंह और कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशू ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि किन मुद्दों पर चर्चा होनी है। इसीलिए वे कोई तैयारी करके नहीं आए थे। बैठक शुरू होने पर मुद्दों का पता चला।
कैप्टन के नेतृत्व पर सवाल खड़े करने का था एजेंडा
पार्टी सूत्रों के अनुसार, कैप्टन अमरिंदर सिंह और पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के बीच जिस दिन दिल्ली में बैठक चल रही थी, उसी दिन कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा के आवास पर कैप्टन विरोधी धड़े ने भी बैठक की। इस धड़े में कैप्टन-सोनिया की बैठक में लिए गए फैसलों से बेचैनी फैल गई, क्योंकि एक तरफ तो सोनिया गांधी ने अमरिंदर सिंह को मंत्रिमंडल विस्तार की अनुमति दे दी, वहीं कैप्टन की शिकायत के आधार पर प्रदेश प्रभारी हरीश रावत को चंडीगढ़ पहुंचकर हालात का जायजा लेने का निर्देश भी दिया।
सूत्रों का कहना है कि इस पर बैठक के दौरान ही यह फैसला लिया गया कि पार्टी प्रधान सिद्धू अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए विधायक दल की बैठक बुलाएं और कैप्टन की उपस्थिति में ही उनके कामकाज और नेतृत्व पर सवाल खड़े किए जाएं। इसके बाद पार्टी में कैप्टन की बिगड़ी छवि की तस्वीर आलाकमान के सामने प्रस्तुत की जाए। लेकिन बैठक के एजेंडे की जानकारी न होने के कारण विरोधी धड़े की सारी योजना शुक्रवार को धरी रह गई। दूसरे, कैप्टन भी इस बैठक में नहीं पहुंचे, जिसके चलते उनके बारे में कोई चर्चा ही नहीं हो सकी।