हरियाणा के शिक्षक कोरोनारोधी टीकाकरण करवाने में पीछे हैं। अभी तक 26763 शिक्षकों ने पहली और 14790 शिक्षकों ने ही दोनों डोज ली हैं। भिवानी, चरखी दादरी, हिसार और कैथल जिलों में इन्होंने सबसे कम टीकाकरण करवाया है। प्रदेश में 14158 स्कूल हैं, जिनमें 103886 शिक्षक कार्यरत हैं।
स्कूल शिक्षा विभाग ने इन्हें बीते महीने कोरोना रोधी वैक्सीन की दोनों डोज जल्द से जल्द लगवाने का निर्देश दिया था। बावजूद इसके 10 फीसदी से कुछ अधिक शिक्षकों ने ही विभाग की बात मानी है। प्रदेश में छठी से बारहवीं तक के स्कूलों को सरकार बच्चों के लिए खोल चुकी है।
15 अगस्त के बाद चौथी-पांचवीं कक्षा के बच्चों को भी 50 फीसदी संख्या के साथ स्कूल बुलाने की तैयारी है। स्कूल शिक्षा विभाग चाहता है कि शिक्षकों को दोनों डोज लगने से स्कूलों में बच्चों को और अधिक सुरक्षित वातावरण मुहैया कराया जा सकेगा। निदेशक (सेकेंडरी शिक्षा) जे गणेशन ने इसका कड़ा संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों, प्रधानाचार्य, जिला परियोजना समन्वयक और खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखा है।
निदेशक ने कहा है कि जिन कर्मचारियों ने वैक्सीन नहीं लगवाई है, विशेष अभियान चलाकर उनका टीकाकरण कराएं। इससे स्कूलों और कार्यालयों को संक्रमण मुक्त करने के साथ काम के लिए सुरक्षित स्थल बनाया जा सकेगा। शिक्षकों के टीकाकरण की प्रगति रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय के साथ जरूर साझा करें।