पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान
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पंजाब में गेहूं किसानों का राज्य सरकार हर हाल में साथ देगी। सूबे की 23 किसान जत्थेबंदियों के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गेहूं के हुए नुकसान से उबरने के लिए 500 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का वादा और मूंग, मक्की और बासमती धान की फसल एमएसपी पर खरीदने का आश्वासन दिया। सेक्टर तीन स्थित पंजाब भवन में रविवार दोपहर हुई बैठक में मौजूद किसानों से भगवंत मान ने इको फ्रेंडली और आर्थिक रूप से कारगर डायरेक्ट सीडिंग ऑफ राइस (डीएसआर) तकनीक अपनाने का भी आह्वान किया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए भगवंत मान ने मौजूद 23 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से राज्य सरकार को समान बिजली उपलब्ध कराने के लिए सुझाव मांगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आपूर्ति से धान की बुआई के मौसम के दौरान पीक लोड से बचने में मदद मिलेगी। उन्होंने क्षेत्रवार मांग के अनुसार पीएसपीसीएल के माध्यम से समान बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का भी सुझाव दिया जिससे पूरे राज्य को चार क्षेत्रों में विभाजित किया जा सके।
मान ने अधिकारियों को पानी और बिजली बचाने के लिए आगामी धान के मौसम के दौरान किसानों को डीएसआर तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए गांवों का दौरा करने का भी निर्देश दिया। इससे पहले भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने मुख्यमंत्री से उनके आवास पर मुलाकात की। मान ने उगराहां से डीएसआर को बढ़ावा देने के लिए उनसे विचार भी मांगे।
पीएयू के अध्ययन पर जताई चिंता
पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (पीएयू) विशेषज्ञों की ओर से किए गए अध्ययन के निष्कर्ष पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि धान की रोपाई में डीएसआर तकनीक को अपनाने का यह सही समय है, जो 15 प्रतिशत तक भूजल को बचाने में मदद करेगा। 20 प्रतिशत भूमिगत जल को 10-15 प्रतिशत तक रिचार्ज करने में भी डीएसआर तकनीक से मदद मिलेगी।
तय समय पर हो नहरों की सफाई
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नहर सिंचाई प्रणाली की बहाली की आवश्यकता पर बैठक में जोर दिया। उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को जल चैनलों और नहरों की सफाई के लिए तत्काल काम शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से नहर की टेल एंड तक पानी का सुचारु प्रवाह सुनिश्चित हो सकेगा।