चुनाव आयोग ने पंजाब की 117 विधानसभा सीटों के लिए 14 फरवरी को मतदान कराने की घोषणा की है। यह मतदान एक ही चरण में होगा। नोटिफिकेशन 21 जनवरी को और 28 तक नामांकन करेंगे। 29 जनवरी को नामांकन पत्रों की जांच के बाद 31 जनवरी तक नाम वापस लिए जा सकेंगे।
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी विधानसभा चुनाव मुलत्तवी कराना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने इसके पीछे की वजह श्री गुरू रविदास जयंती को बताया है। आयोग को लिखी चिट्ठी में उन्होंने कहा है कि 16 फरवरी को श्री गुरू रविदास जयंती है। इस दिन बड़ी संख्या में लोग उत्तर प्रदेश के बनारस में स्थित गुरू के जन्म स्थान जाते हैं। पंजाब में 14 फरवरी को होने वाले मतदान और उत्तर प्रदेश के चुनाव के कारण श्रद्धालुओं का वहां पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए चुनाव की तिथियों को छह दिन आगे बढ़ा दिया जाए।
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मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने लिखा है कि पंजाब में लगभग 32 प्रतिशत अनुसूचित जाति के लोग रहते हैं। उन्होंने लिखा है कि 10 से 16 फरवरी के बीच ज्यादातर लोग उत्तर प्रदेश जाएंगे। इस कारण वह चुनाव में मतदान नहीं कर पाएंगे। जिसे देखते हुए वोटिंग को पांच से छह दिन के लिए आगे बढ़ा दिया जाए। इससे बनारस जाने वाले करीब 20 लाख लोग पंजाब चुनाव में अपने मत का प्रयोग कर सकेंगे। इससे पहले पंजाब में बहुजन समाज पार्टी भी यह मांग कर चुकी है।
बसपा अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी ने मांग की थी कि 16 फरवरी को गुरू रविदास की 645वीं जयंती है। प्रतिवर्ष की भांति गुरू के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु 13-14 फरवरी को पंजाब और खासतौर पर दोआबा क्षेत्र से विशेष ट्रेनों के जरिए गुरु के जन्म स्थान उत्तर प्रदेश के बनारस स्थित गोवर्धनपुर जाएंगे। जिस कारण वह मतदान नहीं कर पाएंगे, इसलिए मतदान की तारीख को 14 फरवरी से बदलकर 20 फरवरी कर देना चाहिए।