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कोटकपूरा गोलीकांड: सीसीटीवी फुटेज दिलाएगी पीड़ितों को न्याय, पुलिस ने छिपा ली थी, जांच आयोग को डाक से मिली

Sun, 26 Feb 2023 03:00 PM IST
निवेदिता वर्मा राजीव शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब)

सार

अपनी चार्जशीट में एसआईटी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल, डीजीपी सुमेध सिंह सैनी, आईजी परमराज सिंह उमरानंगल, डीआईजी अमर सिंह चाहल, एसएसपी मोगा चरनजीत सिंह शर्मा, एसएसपी फरीदकोट सुखमंदर सिंह मान व तत्कालीन एसएचओ थाना सिटी कोटकपूरा गुरदीप सिंह को आरोपी बनाया है।
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कोटकपूरा गोलीकांड में चार्जशीट दाखिल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
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वर्ष 2015 के बहुचर्चित कोटकपूरा गोलीकांड मामले में घटना की सीसीटीवी फुटेज अहम साक्ष्य बन सकती है। पंजाब पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने शुक्रवार को फरीदकोट की अदालत में करीब सात हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इनमें से 1400 पेज आरोपियों की चार्जशीट से संबंधित हैं, जबकि 5600 पेज साक्ष्य के दस्तावेजों के है। इसके अलावा एसआईटी ने पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय की हिदायत के अनुसार घटना से जुड़ीं दोनों एफआईआर में ही चार्जशीट दाखिल की है।

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एसआईटी ने अपनी चार्जशीट में एक अहम दस्तावेज के रूप में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य का जिक्र किया है। यह घटनास्थल कोटकपूरा के मुख्य चौक के चार हिस्सों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज है, जिसे घटना के बाद पुलिस ने छिपाने की कोशिश की थी, लेकिन इस फुटेज को किसी व्यक्ति ने एक पेन ड्राइव में सेव कर वर्ष 2017 में जस्टिस रणजीत सिंह आयोग को उपलब्ध करवाया था। सूत्रों के मुताबिक इस फुटेज में सारा घटनाक्रम कैद है, जिसमें आरोपी बनाए गए सभी पुलिस अधिकारी भी साफ दिखाई दे रहे हैं।

तत्कालीन शिअद-भाजपा सरकार की ओर से गठित जस्टिस जोरा सिंह आयोग ने अपनी पड़ताल के दौरान जिला पुलिस से घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों फुटेज उपलब्ध करवाने की निर्देश दिए थे, लेकिन पुलिस ने फुटेज न होने की बात कहते हुए दावा किया था कि ट्रक की टक्कर के बाद कैमरे खराब चल रहे थे। इस कारण घटना वाले दिन कोई रिकार्डिंग नहीं हुई। इसके बाद 2017 में सत्ता में आई कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार ने जांच के लिए जस्टिस रणजीत सिंह आयोग का गठन किया और इस आयोग के पास किसी व्यक्ति ने 7 नवंबर, 2017 को डाक के माध्यम से एक पेन ड्राइव में उक्त सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध करवा दी।
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माना जा रहा है कि इसी फुटेज को एसआईटी ने अपनी चार्जशीट में एक साक्ष्य के रूप में शामिल किया है। अपनी चार्जशीट में एसआईटी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल, डीजीपी सुमेध सिंह सैनी, आईजी परमराज सिंह उमरानंगल, डीआईजी अमर सिंह चाहल, एसएसपी मोगा चरनजीत सिंह शर्मा, एसएसपी फरीदकोट सुखमंदर सिंह मान व तत्कालीन एसएचओ थाना सिटी कोटकपूरा गुरदीप सिंह को आरोपी बनाया है। इनमें से प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर सिंह बादल, सुमेध सिंह सैनी के अलावा आईजी उमरानंगल, डीआईजी चाहल, एसएसपी चरनजीत व एसएसपी मान को साल 2018 में दर्ज एफआईआर नंबर 129 में आरोपी बनाया गया है, जबकि घटना वाले दिन 14 अक्टूबर 2015 को प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर नंबर 192 में साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने पर तत्कालीन डीजीपी सैनी, आईजी उमरानंगल, एसएसपी फरीदकोट सुखमंदर सिंह मान व एसएचओ गुरदीप सिंह को आरोपी नामजद किया गया है। इन मामलों की अदालत में अगली सुनवाई 6 मार्च को होगी।

बेअदबी इंसाफ मोर्चा की बैठक आज
कोटकपूरा गोलीकांड केस में चार्जशीट दाखिल होने के बाद बहिबल कलां में 16 दिसंबर, 2021 से चल रहे बेअदबी इंसाफ मोर्चे ने 26 फरवरी को अहम बैठक बुलाई है, जिसमें अगली रणनीति का फैसला लिया जाएगा। माना जा रहा है कि चार्जशीट में प्रकाश सिंह बादल व सुखबीर सिंह बादल के नाम सामने आने के बाद पीड़ित परिवार व सिख संगठनों की तरफ से अपने धरने को स्थगित किया जा सकता है।

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