चंडीगढ़। पीयू के शिक्षक फिलहाल प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्रों की परीक्षा की कॉपियां चेक नहीं करेंगे। अंतिम वर्ष के छात्रों की कॉपियां चेक होनी शुरू हो गई हैं, क्योंकि उन्हें दूसरे संस्थानों में दाखिला लेना पड़ता है। इन विद्यार्थियों का परिणाम देर से आने पर छात्रों को बड़ा नुकसान होगा।
पंजाब के विश्वविद्यालय व कॉलेजों के शिक्षक संगठन पीफुक्टो के बैनर तले पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) मूल्यांकन का बहिष्कार कर रही है। इन सभी की मांग है कि उन्हें छठे वेतनमान का लाभ यूजीसी पे स्केल के मुताबिक दिया जाए। साथ ही सातवें वेतनमान का भी लाभ मिले। लगभग 20 दिन से यह मूल्यांकन बहिष्कार चल रहा है। शिक्षकों ने आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार कर ली है। यह चरणवार आंदोलन खत्म होने के आसार भी नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे मेें प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्रों का परिणाम देरी से आएगा और वे अगली कक्षाओं में नहीं पहुंच पाएंगे। हालांकि पीयू इसका रास्ता निकालने में जुटी है। पुटा सचिव अमरजीत सिंह नौरा का कहना है कि शिक्षकों की मांग जायज है, इसलिए पंजाब सरकार को यह माननी चाहिए। जब तक मांग नहीं पूरी होती, तब तक शिक्षक प्रथम व द्वितीय वर्ष की कॉपियां चेक नहीं करेंगे।