फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा में बिजली संकट: तीन संयंत्रों में आई खराबी, अडानी से नहीं हो रही आपूर्ति, कई घंटों की कटौती से लोग परेशान

Mon, 11 Apr 2022 09:15 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कोयले के रेट बढ़ने के चलते अडानी कंपनी हरियाणा को बिजली आपूर्ति नहीं कर रही है। कंपनी ने हरियाणा से 2035 तक 2.53 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से करार किया हुआ है लेकिन पिछले साल से ही आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गर्मी की शुरुआत में ही हरियाणा में बिजली संकट गहरा गया है। प्रदेश के तीन बिजली संयंत्रों में खराबी आने और अडानी से बिजली सप्लाई नहीं मिलने के कारण आपूर्ति का शेड्यूल गड़बड़ा गया है। इस समय मांग 7623 मेगावाट से तक पहुंच गई है जबकि आपूर्ति छह हजार मेगावाट ही हो पा रही है।

विज्ञापन


फिलहाल केंद्रीय पुल से 12 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली खरीद कर काम चला रहा है। बावजूद इसके शहरों में तीन से चार घंटे और गांवों में 8 से 10 घंटों तक के कट लगाए जा रहे हैं। अगर सप्ताह में तीनों संयंत्र ठीक नहीं हुए तो बिजली संकट और बढ़ सकता है।

बिजली संयंत्रों की बात करें तो हिसार स्थित खेदड़ की यूनिट नंबर 1 (600 मेगावाट) और पानीपत की यूनिट नंबर 8 (210 मेगावाट) बंद चल रही है। वहीं, अडानी से 1421 मेगावाट बिजली नहीं मिल पा रही है। बढ़ते बिजली संकट को देख हरियाणा सरकार के अधिकारियों की सांसें फूल रही हैं।
विज्ञापन


आनन-फानन संयंत्रों को ठीक कराने को लेकर इंजीनियरों की टीमें दिन रात काम पर लगाई हैं। वहीं, अडानी से बिजली आपूर्ति शुरू कराने को लेकर भी उच्चस्तरीय बैठकों का दौर जारी है। बिजली मंत्री रणजीत चौटाला और विभाग एसीएस पीके दास लगातार संयंत्र अधिकारियों से संपर्क साधे हुए हैं।

कोयले के रेट बढ़ने से फंसा पेंच
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कोयले के रेट बढ़ने के चलते अडानी कंपनी हरियाणा को बिजली आपूर्ति नहीं कर रही है। कंपनी ने हरियाणा से 2035 तक 2.53 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से करार किया हुआ है लेकिन पिछले साल से ही आपूर्ति नहीं हो पा रही है। कंपनी इसी रेट पर बिजली देने को तैयार है लेकिन वह कोयले के बढ़े रेटों के लिए अलग से राशि चाहती है। इसी को लेकर पेंच फंसा हुआ है।

विज्ञापन

हरियाणा की उत्पादन क्षमता 2372 मेगावाट
प्रदेश में कुल बिजली सप्लाई की क्षमता 12175 हजार मेगावाट है। हरियाणा बिजली उत्पादन निगम (एचपीजीसीएल) कुल 2372.40 मेगावाट बिजली का उत्पादन करती है। इसमें पानीपत थर्मल प्लांट से 500 मेगावाट, राजीव गांधी थर्मल प्लांट खेदड़ से 1200 मेगावाट, दीनबंधु छोटूराम थर्मल प्लांट, यमुनानगर से 600 मेगावाट, पश्चिमी यमुना कैनाल से 62.4 मेगावाट और हाइड्रो पानीपत पावर प्रोजेक्ट से 10 मेगावाट सोलर का बिजली उत्पादन होता है। इसके अलावा, 1421 मेगावाट के लिए अडानी से अनुबंध है, शेष बिजली केंद्र से ली जाती है। प्रदेश में इस समय मात्र 1100 मेगावाट बिजली ही पैदा हो पा रही है। 

शहरी क्षेत्र में दी जा रही अधिक बिजली
बिजली निगम के आंकड़ों के मुताबिक, सबसे अधिक बिजली शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को दी जा रही है। इसके बाद ग्रामीण और उद्योगों का नंबर आता है। सबसे कम बिजली खेतों के लिए दी जा रही है। हालांकि, इस समय गेहूं का सीजन होने के चलते आग की घटनाओं से बचने के लिए सप्लाई कम की जाती है। गौर हो कि प्रदेश में कुल बिजली उपभोक्ता 72.63 लाख हैं। इनमें कृषि कनेक्शन 6 लाख 57 हजार हैं। जबकि औद्योगिक क्षेत्र के 1 लाख 16 हजार हैं। इसके अलावा, सबसे अधिक 50 लाख उपभोक्ता घरेलू श्रेणी के हैं।

        1 से 10 अप्रैल तक खपत बिजली (यूनिट लाखों में)
तिथि(अप्रैल)  कृषि ग्रामीण शहरी  उद्योग कुल खपत
1 132.04 458.85  522.92 441.90 1423.67
2 116.91 421.66 507.16 438.75 1367.57
3 108.59 422.14 485.53 346.43 1254.10
4 109.88 415.29 511.44  401.30 1328.03
5 120.21 425.29 535.24 465.99 1426.70
6 66.67 360.77 537.17 461.62 1359.56
7 94.00 387.28 546.05 471.79 1405.12
8 128.67 443.60 553.13 474.06 1470.79
9 138.63 456.48 572.25 468.65  1497.38
10 96.10 419.89 542.74 365.89 1328.14

 
बिजली उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। खेदड़ और पानीपत की यूनिटों पर तेजी से काम किया जा रहा है, संभावना है कि वह जल्द चालू हो जाएंगी। इसके अलावा, अडानी कंपनी से बिजली को लेकर भी उच्चस्तरीय बैठकें चल रही हैं। उपभोक्ताओं को गर्मी के सीजन में निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। - रणजीत चौटाला, बिजली मंत्री, हरियाणा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें