खेल परिसरों में खिलाड़ियों से प्रति माह 100 रुपये और बाहरी लोगों से 1000 रुपये माह फीस के फैसले को हरियाणा सरकार ने वापस ले लिया है। अब पहले की तरह ही खिलाड़ी खेल स्टेडियमों में बिना किसी शुल्क के अपनी तैयारी कर सकेंगे। हालांकि, इसके लिए सभी प्रकार के खिलाड़ियों के निशुल्क प्रवेश पास बनाए जाएंगे, जबकि बाहरी लोगों को खेल के समय स्टेडियमों में आने पर रोक रहेगी। आगामी फैसले तक बाहरी लोगों के कोई पास नहीं बनाए जा रहे हैं।
खेल मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि अब हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन के तहत आने वाली खेल एसोसिएशन या फेडरेशन को भी खेल टूर्नामेंट जैसे स्टेट चैंपियनशिप या नेशनल चैंपियनशिप आयोजित करने के लिए किसी प्रकार की फीस का भुगतान नहीं करना होगा। हालांकि, निजी संस्थाओं को खेल स्टेडियम का उपयोग करने के लिए विभाग द्वारा निर्धारित फीस अवश्य देनी होगी।
बता दें कि खेल विभाग ने आदेश जारी किए थे कि नर्सरी के तहत आने वाले खिलाड़ी निशुल्क आ सकेंगे, जबकि अन्य खिलाड़ियों को 100 रुपये प्रतिमाह की फीस देनी होगी। इस फैसले का चौतरफा विरोध किया गया था। राजनीतिक दलों ने इसको लेकर सरकार पर निशाना साधा था और इस फैसले को वापस लेने के लिए दबाव बनाया था।
नर्सरी के दूसरे खिलाड़ियों को कोच से लेना होगा समय
आर्मी और पुलिस की तैयारी करने वाले युवा स्टेडियमों में विभाग के कोच से समय लेकर आ सकेंगे। ताकि स्टेडियमों में नर्सरी के खिलाड़ियों को परेशानी का सामना न करना पड़े। कोच समय और खिलाड़ियों की संख्या को देखते हुए खेल का समय निर्धारित करेंगे। खेल निदेशक पंकज नैन ने बताया कि खेल के समय बाहरी लोगों का खेल परिसरों में प्रवेश प्रतिबंध रहेगा। यह फैसला खिलाड़ियों की मांग पर लिया है, क्योंकि बाहरी लोगों के आने से खिलाड़ियों का खेल प्रभावित होता है। फिलहाल सैर करने वाले वोल परिसरों में प्रतिबंधित रहेंगे और उनके कोई पास नहीं अभी नहीं बनाए जा रहे हैं।