पंजाब में आम आदमी पार्टी से मंत्री अमन अरोड़ा को 21 दिसंबर 2023 को दोषी करार देने के बाद अब उन्हें विधायक के तौर पर अयोग्य बताते हुए अमृतसर में ध्वजारोहण से रोकने का निर्देश जारी करने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। इस याचिका पर हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई होगी।
याचिका दाखिल करते हुए संगरूर निवासी अनिल कुमार तायल ने हाईकोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट 2013 में अपने आदेश में यह स्पष्ट कर चुका है कि अगर किसी अदालत द्वारा किसी जनप्रतिनिधि को दो वर्ष या अधिक की सजा होती है तो जनप्रतिनिधि एक्ट के अनुसार वह अयोग्य माना जाएगा।
याची ने बताया कि संगरूर की अदालत ने मंत्री अमन अरोड़ा को आईपीसी की विभिन्न धाराओं में दोषी मानते हुए 21 दिसंबर 2023 को दो वर्ष की सजा सुनाई थी। याची ने कहा कि सजा सुनाते ही उन्हें अयोग्य करार दिया जाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं किया गया। याची ने 26 दिसंबर को इस संबंध में मांगपत्र भी दिया था लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ।
पांच जनवरी को पंजाब के राज्यपाल ने मुख्यमंत्री व विधानसभा को पत्र लिखकर इस बारे में कार्रवाई को कहा था लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। याची ने बताया कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह में ध्वजारोहण के लिए सूची जारी की गई है। इस सूची के अनुसार मंत्री अमन अरोड़ा को अमृतसर में ध्वजारोहण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
याची ने कहा कि जो व्यक्ति अयोग्य हो चुका हो, उसे इस प्रकार की जिम्मेदारी देने से लोगों के बीच सरकार के प्रति गलत संदेश जाएगा। ऐसे में हाईकोर्ट से अपील की गई कि अमन अरोड़ा को ध्वजारोहण से रोका जाए। इस याचिका पर हाईकोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा।