फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अभिभावकों को भरनी होगी कोरोना काल की स्कूली फीस, छह किस्तों में कर सकेंगे जमा, स्कूल नहीं काट सकेंगे नाम

Sat, 20 Mar 2021 12:55 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विद्यार्थियों की कक्षाएं लगी हों या नहीं लेकिन अभिभावकों को पूरी स्कूल फीस का भुगतान करना ही होगा। राजस्थान के निजी स्कूलों की फीस के मामले में दिया सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश हरियाणा और पंजाब में भी लागू होगा। हालांकि, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अभिभावकों को छह किस्तों में फीस जमा कराने की छूट दी है। साथ ही कहा कि फीस जमा नहीं करवाने पर स्कूल छात्र का नाम नहीं काट सकेंगे और न ही परीक्षा में बैठने से रोक सकेंगे।

विज्ञापन


स्कूल सत्र 2019-20 में तय की फीस ही 2020-21 के लिए ले सकेंगे। पांच मार्च से पांच अगस्त तक किस्तों में फीस वसूल सकेंगे। हाईकोर्ट ने कहा कि अगर किसी विद्यार्थी के अभिभावकों को फीस भरने में परेशानी है तो वह स्कूल को जानकारी दे सकते हैं। स्कूलों को आदेश दिया है कि उनके पास ऐसी अर्जी आती है तो सहानुभूति दिखाते हुए निर्णय लें। इस आदेश के साथ ही हाईकोर्ट ने सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ दायर सभी अपीलों पर सुनवाई 26 मई तक स्थगित कर दी।

एक अक्तूबर को यह दिया था आदेश :  हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एक अक्तूबर को आदेश दिया था कि लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन कक्षाएं लगाने वाले स्कूल ही विद्यार्थियों से ट्यूशन फीस वसूल सकते हैं। चार्टर्ड अकाउंटेंट से वेरिफाई करवाकर सात महीने की बैलेंस शीट भी सौंपने का आदेश दिया था। यह शीट दो सप्ताह में सौंपनी थी। इस आदेश पर सुप्रीम कोर्ट रोक लगा चुका है।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें