जियो के टावर को पहुंचाए जा रहे नुकसान को लेकर रिलायंस ने हाईकोर्ट में जो याचिका दायर की है, उस पर पंजाब सरकार ने अपना जवाब देते हुए हाईकोर्ट को बताया है कि पुलिस ने 12 एफआईआर और 273 डीडीआर कर कार्रवाई कर दी है और कंपनी के लगभग सभी टावर ऑपरेशनल हो चुके हैं।
पंजाब सरकार की ओर से आईजी (कानून-व्यवस्था) एके पांडेय ने यह जानकारी हाईकोर्ट को दी है और बताया है कि राज्य में मोबाइल कंपनियों के 21306 टावर हैं। इनमें से 4850 टावर रिलायंस जियो के हैं और 4050 अन्य टावरों पर उनके एंटीना हैं, इस तरह कंपनी के कुल 8900 टावरों में से 803 टावरों को नुकसान पहुंचाया गया था। इसके चलते अन्य 688 टावर भी प्रभावित हुए थे। इस तरह 1491 मोबाइल टावर कुछ समय के लिए प्रभावित हुए थे लेकिन अब इनमें से लगभग सभी ऑपरेशनल हो चुके हैं।
पुलिस को जैसे ही नुकसान पहुंचाए जाने की सूचना मिली तो तत्काल कार्रवाई कर दी गई। हाईकोर्ट ने इस जानकारी को रिकॉर्ड में लेते हुए मामले की सुनवाई स्थगित कर दी है। दायर याचिका में रिलायंस इंडस्ट्री लिमिटेड की ओर हाईकोर्ट को बताया है कि किसान आंदोलन के दौरान उनकी कंपनी के खिलाफ भ्रामक प्रचार कर शरारती तत्व उनकी छवि खराब कर रहे हैं और उपद्रवियों द्वारा तोड़फोड़ की गैरकानूनी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है, जिस पर रोक लगाए जाने की हाईकोर्ट से मांग की गई है।
याचिका में बताया गया कि उपद्रवियों द्वारा की गई तोड़फोड़ और हिंसक कार्रवाई से कंपनी के हजारों कर्मचारियों की जिंदगी खतरे में पड़ गई है। साथ ही कम्युनिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर, सेल्स और सेवा आउटलेट के रोजमर्रा के कामों में व्यवधान पैदा होने से कमियों की आजीविका भी प्रभावित हुई है। कंपनी ने पंजाब के मुख्यमंत्री सहित मुख्य सचिव, डीजीपी, सभी जिलों के एसएसपी को मांग पत्र देकर उसकी संपत्ति की सुरक्षा की मांग की थी, ताकि वह पंजाब और हरियाणा में अपने सभी व्यवसायों को सही तरह से चला सकें।