जालंधर की बस्ती मिट्ठू स्थित नीलकमल फैक्टरी में बॉयलर फटने से जतिंदर (46) की मौत हो गई। है। वे पांच साल से इस फैक्टरी में काम कर रहे थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल में रखवा दिया है।
वहीं फैक्टरी मालिक का कहना है कि बॉयलर नहीं फटा है। फैक्टरी में एक वर्कर काम करते वक्त गिर गया जिसके कारण पास पड़ी एक मशीन से गैस लीक होकर उस पर पड़ गई और वो झुलस गया है। बॉयलर फटने की बात गलत फैलाई जा रही है। वहीं मृतक के भाई प्रवीण ने फैक्टरी मालिक को इस हादसे का जिम्मेदार ठहराया है।
पाइप प्लांट के ड्राफ्ट में गिरा मजदूर, झुलसने से मौत
उधर, मंडी गोबिंदगढ़ में तलवाड़ा रोड स्थित केएल स्टील पाइप प्लांट में रविवार रात एक मजदूर फैक्टरी में बने गर्म भांप वाले ड्राफ्ट में गिर गया। इससे उसकी मौत हो गई। घटना का पता सुबह उस समय चला जब ड्रॉफ्ट पर लगा ढक्कन बंद मिला। मृतक की पहचान शंभू (36) पुत्र राम बिलास निवासी गांव देवताहा तहसील खाड़ा कुशीनगर (उत्तर प्रदेश) के तौर पर हुई है। गोबिंदगढ़ पुलिस ने सोमवार शाम को शव परिजनों को सौंप दिया है।
मृतक के भाई प्रमोद व राम लल्ली ने बताया कि रविवार रात करीब 8:30 बजे शंभू ड्यूटी पूरी कर चुका था। वह कैसे भाप वाले ड्राफ्ट में गिरा इस बारे में किसी को कुछ नहीं पता। सोमवार सुबह जब पाइप प्लांट चालू करने लगे तो ड्राफ्ट का ढक्कन बंद पड़ा था। खोलने पर पता लगा कि उसके अंदर गिरने से शंभू की मौत हो चुकी थी।
ड्राफ्ट में ताव अधिक होने के कारण वह बिल्कुल सिकुड़ गया था। उधर, मृतक की पत्नी मेनका ने आरोप लगाया है कि उसके पति को किसी ने मारा है। एसआई दविंदर सिंह ने बताया कि 174 की कार्रवाई करके शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
मृतक के चचेरे भाई ने बताया कि पाइप प्लांट बंद होने के बाद ड्राफ्ट का ढक्कन खुला रखना पड़ता है। इसे ठंडा होने में कई घंटे का समय लगता है। इसी ड्राफ्ट में शंभू की गिरकर मौत हो गई। घटना के संबंध में मिल मालिकों को दो बार फोन किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया और ना ही जवाब दिया।