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हाईकोर्ट की खबरें: NSUI के पंजाब प्रधान ने बताया गैंगस्टरों से जान को खतरा, सुरक्षा की गुहार लगाई

Sat, 11 Jun 2022 12:17 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब के एडीजीपी को आदेश दिया कि वह याची के मांगपत्र पर विचार करे। यदि आवश्यक हो तो इस पर उचित आदेश जारी किया जाए। इस आदेश के साथ ही हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया। 
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एनएसयूआई पंजाब इकाई के प्रधान अक्षय शर्मा ने गैंगस्टरों से जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में गुहार लगाई है। हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए एडीजीपी को याची के मांगपत्र पर निर्णय लेने का आदेश दिया है। याचिका दाखिल करते हुए अक्षय शर्मा ने  बताया कि गैंगस्टर उसे फोन कर लगातार धमकी दे रहे हैं। याची ने इस संदर्भ में पंजाब सरकार को मांगपत्र भी सौंपा था। 

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शर्मा ने हाईकोर्ट से अपील की है कि उसे सुरक्षा मुहैया करवाई जाए। इसके साथ ही याची को उसके खर्च पर उसकी गाड़ी को बुलेटप्रूफ करवाने की अनुमति दी जाए। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब के एडीजीपी को आदेश दिया कि वह याची के मांगपत्र पर विचार करे। यदि आवश्यक हो तो इस पर उचित आदेश जारी किया जाए। इस आदेश के साथ ही हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया। 

शिक्षिका की आपत्तिजनक फोटो अपलोड करने के आरोपी को हाईकोर्ट से जमानत
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अपनी शिक्षिका की आपत्तिजनक फोटो संस्थान की आईडी को हैक कर अपलोड करने वाले छात्र को जमानत दे दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी छात्र है और पिछले तीन माह से जेल में है। उससे पूछताछ भी जरूरी नहीं है ऐसे में उसे जमानत दी जा सकती है।
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मोहाली निवासी छात्र पर आरोप है कि उसने संस्थान के निदेशक की मेल आईडी को हैक किया था। 

मेल आईडी हैक करने के बाद अपनी शिक्षिका की आपत्तिजनक फोटो को अपलोड करने के बाद सर्कुलेट किया था। इसके बाद संस्थान की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। याची ने कहा कि वह पिछले तीन माह से जेल में है। ट्रायल पूरा होने में लंबा समय लग सकता है ऐसे में उसे जमानत दी जाए। 

पीड़ित शिक्षिका ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि याची ने जघन्य अपराध किया है, वह राहत का हकदार नहीं है। यूनिवर्सिटी ने भी याची की जमानत का विरोध किया। हाईकोर्ट ने कहा कि याची एक छात्र है और यूनिवर्सिटी ने उसे निकाल भी दिया है। इस मामले में जांच पूरी हो चुकी है और याची से पूछताछ भी जरूरी नहीं है। हाईकोर्ट ने उसकी नियमित जमानत की मांग वाली याचिका को मंजूर कर लिया।

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