हरियाणा राज्यसभा चुनाव में भाजपा और निर्दलीय विधायकों में बड़ा समझौता हुआ है। छह निर्दलीय विधयकों ने भाजपा के प्रत्याशी कृष्ण लाल पंवार को अपना वोट दिया है, जबकि भाजपा के 15 विधायको ने निर्दलीय उम्मीदवार कार्तिकेय शर्मा को अपना मतदान किया है। विश्वनीय सूत्रों का दावा है कि ये सब इसलिए किया गया है ताकि निर्दलीय विधायकों पर खरीद फरोख्त का आरोप न लग सकें।
बताया जा रहा है कि पहले ये तय हुआ था कि भाजपा के प्रत्याशी को भाजपा के 31 विधायक वोट करेंगे लेकिन सुख विलाश होटल में हुई बैठक में निर्दलीय विधायक इस बात पर अड़ गए कि वो भाजपा को वोट करेंगे ना कि निर्दलीय कार्तिकेय शर्मा को। देर रात उच्च पदाधिकारियों से हुई बैठक के बाद भाजपा ने अपनी रणनीति बदलते हुए फैसला लिया कि भाजपा के 15 विधायक कार्तिकेय को वोट करेंगे और बलराज कुंडू को छोड़कर छह निर्दलीय विधायक भाजपा के प्रत्याशी को वोट करेंगे। एक निर्दलीय विधायक ने बताया कि सीएम मनोहर लाल से बैठक के दौरान उन्होंने तय कर दिया था कि वह भाजपा के साथ हैं लेकिन निर्दलीय विधायक को अगर वोट देंगे तो उन पर खरीद फरोख्त के आरोप लग सकते हैं।
शिकायतकर्ताओं का आरोप, मतदान केंद्र में टेढ़ा था कैमरा
भाजपा, जजपा और निर्दलीय उम्मीदवार की शिकायतों के खिलाफ शुक्रवार शाम कांग्रेस केंद्रीय चुनाव आयोग पहुंची। शिकायतकर्ता के अनुसार मतदान केंद्र का कैमरा टेढ़ा था। शायद उसमें जरूर कुछ आया होगा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग आरोप पर न जाए, वीडियो रिकॉर्डिंग व तथ्यों के आधार पर निर्णय लेकर मतगणना शुरू करे।
एआईसीसी कोषाध्यक्ष पवन बंसल, राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा, रंजीता रंजन व्यक्तिगत तौर पर आयोग पहुंचे थे। पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम, राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला, सीएम भूपेश बघेल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा, एआईसीसी सचिव राजीव शुक्ला वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े। उन्होंने कहा कि रिटर्निंग आफिसर के फाइंडिंग ऑफ फैक्ट के अनुसार प्राइवेसी या सीक्रेसी का उल्लंघन नहीं हुआ। केंद्रीय पर्यवेक्षकों की भी यही रिपोर्ट है। इसलिए मतगणना रोकने का सवाल ही नहीं उठता। व्यक्तिगत शिकायत पर चुनाव प्रक्रिया नहीं रोकी जानी चाहिए। आयोग ने हमारी बात सुनी है और सभी परिस्थितियों, पुरानी नजीरों को देखकर निर्णय दिया जाएगा।