सुल्तानपुर लोधी में नवतेज सिंह चीमा के आवास पहुंचने के बाद तमाम विधायकों व पूर्व विधायकों के साथ सिद्धू ने फोटो खिंचवाई। जब मीडिया ने सिद्धू से सवाल किया तो उन्होंने बात करने से इंकार कर दिया। सिद्धू ने अपने ट्विटर हैंडल पर फोटो साझा कर लिखा कि ‘पंजाब दी हक-सच्च दी लड़ाई नेक-नियति ते ईमानदारी नाल लड़ांगे’।
बैठक में पहुंचे ये कांग्रेसी नेता
बैठक में भुलत्थ से कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा, फगवाड़ा से कांग्रेस विधायक बलविंदर धालीवाल के अलावा सिद्धू के करीबी अश्वनी सेखड़ी, राकेश पांडे, रूपिंदर रूबी, नाजर सिंह मानशाहिया, मोहिंदर केपी, सुनील दत्ती, जगदेव सिंह कमालुके, कमलजीत बराड़, डॉ. मोहन सिंह फलियांवाल, अजय पाल सिंह कोटकपूरा, जसविंदरपाल सिंह, जग्गा मजीठिया, दविंदर सिंह घुबाया, सुखविंदर सिंह डैनी, आशु बंगड़, जीएस बाली, जसविंदर धीमान, नवतेज सिंह चीमा, पिरमल सिंह धनौला, हरविंदर सिंह लाडी, राजबलविंदर सिंह मराड़ और विजय कालड़ा समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसी पहुंचे।
सिद्धू की बैठक में ये नेता नहीं पहुंचे
मगर सुखजिंदर सिंह रंधावा, तृप्त राजिंदर बाजवा और सुखबिंदर सिंह सुख सरकारिया के अलावा कपूरथला विधायक राणा गुरजीत सिंह नहीं दिखे। पंजाब कांग्रेस में यह अलग गुट है। पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को भी इसी गुट का माना जाता है। इस बैठक को इस लिहाज से भी अहम माना जा रहा है कि दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान की अहम बैठक हैं। अन्य राज्यों के साथ पंजाब में पार्टी नेतृत्व का परिवर्तन होने की संभावना है। सिद्धू की इस बैठक को शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है।
इन चेहरों के बीच नेता प्रतिपक्ष व प्रदेश अध्यक्ष की दौड़
कांग्रेस हाईकमान जल्द ही अपना नेता प्रतिपक्ष का चयन करेगा। सुखपाल खैरा, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, सुखजिंदर सिंह रंधावा और प्रताप सिंह बाजवा के इस पद की दौड़ है। इन्हीं से किसी को प्रदेश अध्यक्ष की भी कमान मिल सकती है। बाकी दिल्ली दरबार का फैसला ही सर्वमान्य होगा।