इन कामों के लिए मांगे जाती है रिश्वत
- पुलिस विभाग : नई धारा जोड़ने, केस में से नाम निकालने, जमानत दिलाने, दर्ज केस में मदद करने, मामला रफा-दफा करने और पासपोर्ट की वेरिफिकेशन के लिए।
- राजस्व विभाग : रजिस्ट्री करने, भूमि का इंतकाल करने, फर्द और रिकार्ड देने के नाम पर और अधिगृहत भूमि का क्लेम जारी करने के लिए।
- बिजली विभाग : बिजली बिल ठीक और कम करने, खराब मीटर की रीडिंग ठीक करने, जल्दी कनेक्शन और सोलर नेट मीटरिंग फाइल को पास कराने के लिए।
- इंजीनियरिंग विभाग : बिल पास कराने, फर्म को ब्लैक लिस्ट करने, पुराना भुगतान जारी करने और टेंडर अलॉट करने के लिए।
- शहरी स्थानीय निकाय : प्रॉपर्टी आईडी बनाने, प्रॉपर्टी टैक्स ठीक करने, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने और नक्शा पास कराने के नाम रिश्वत ली जाती है।
- सामाजिक विभाग : पेंशन बनवाने, विवाह शगुन और लाडली योजना की राशि लेने, लोन दिलाने के लिए रिश्वत ली जाती है।
दो साल में पकड़े गए रिश्वत लेने के मामले
पुलिस में 70, राजस्व 42, बिजली 29, यूएलबी 14, खाद्य आपूर्ति 12, स्वास्थ्य 10, एक्साइज 9, मार्केटिंग बोर्ड 7, शिक्षा, जनस्वास्थ्य, परिवहन विभाग 6- 6, जेल, पंचायती राज और सहकारिता 4-4, एचएसवीपी, होम गार्ड, सिंचाई, बागवानी, खनन, खजाना, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, एचएसआईआईडीसी में 3-3 केस पकड़े गए हैं। इनके अलावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, भू अभिलेख, सामाजिक न्याय, श्रम विभाग में 2-2, पशुपालन, वक्फ बोर्ड, रोजगार, खादी, हाउसिंग बोर्ड, उद्योग, एचपीएससी, वन, कौशल निगम, फूड ड्रग्स, मछली पालन और पीडब्ल्यूडी विभाग में 1-1 कर्मचारी को रिश्वत लेते पकड़ा गया है।