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चंडीगढ़: सात राज्यों की पुलिस आपसी सहयोग से कसेगी साइबर क्राइम पर शिकंजा, ज्वाइंट साइबर क्राइम कोर्डिनेशन कमेटी की बैठक में पहुंचे अधिकारी

Mon, 02 May 2022 01:23 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ में नॉर्थ जोन टीम की यह तीसरी मीटिंग हुई है। पहले 2020 में ऑनलाइन मीटिंग हुई थी। दूसरी मीटिंग 1 अक्तूबर 2021 में देहरादून में हुई थी।
 
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cyber crime - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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पंजाब व चंडीगढ़ समेत सात राज्यों की पुलिस अब एक साथ मिलकर साइबर अपराध पर लगाम कसेगी। सोमवार को चंडीगढ़ में गृह मंत्रालय की ज्वाइंट साइबर क्राइम कोर्डिनेशन कमेटी की ओर से एक कॉन्फ्रेंस की गई। इसमें जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़ और उत्तराखंड के अलावा गृह मंत्रालय के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, आईएएस अधिकारी और अन्य अधिकारी शामिल रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने किया। 

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चंडीगढ़ के डीजीपी प्रवीर रंजन ने बताया कि साइबर अपराध पर लगाम कसने के लिए ज्वाइंट साइबर क्राइम कोर्डिनेशन कमेटी और इंडियन साइबर क्राइम कोर्डिनेशन सेंटर (आई4सी) ने एक अहम पहल की है। इसके तहत पूरे देश को विभिन्न साइबर जोन में विभाजित किया गया है। उत्तराखंड को नार्थ जोन में रखा गया है। 

इस जोन में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़, उत्तराखंड एवं गृह मंत्रालय शामिल हैं। इस समूह का उद्देश्य आपसी समन्वय स्थापित करना, सूचना एवं अपराध के विश्लेषित आंकड़ों को एक-दूसरे से साझा करना, अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए मिलकर सामूहिक प्रयास करना शामिल है।

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कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि जामताड़ा, मेवात, दिल्ली-एनसीआर, पश्चिम बंगाल में बैठे ठग साइबर अपराध को अंजाम दे रहे हैं। इन पर नकेल कसने के लिए रणनीति बना ली गई है। साइबर एक्ट में बदलाव करने पर भी चर्चा की गई। डीजीपी प्रवीर रंजन ने कहा कि साइबर क्राइम की कोई बाउंड्री नहीं होती। अपराधी काफी सक्रिय और अपडेट हैं। चंडीगढ़ में नॉर्थ जोन की यह तीसरी मीटिंग है।  

साइबर अपराध पर लगाम के लिए चंडीगढ़ में बनेगा उत्तर भारत का सबसे बड़ा सेंटर
साइबर अपराधियों को पकड़ने के लिए चंडीगढ़ में सेंटर फॉर साइबर ऑपरेशंस एंड सिक्योरिटी का निर्माण होना है। यह उत्तर भारत का सबसे बड़ा सेंटर होगा, जो आधुनिक उपकरणों से लैस होगा। इसके निर्माण के बाद यूटी पुलिस के पास हर तरह के एडवांस उपकरण, डाटा सेंटर और विशेषज्ञ होंगे। इसकी मदद से साइबर अपराध पर रोक लगाने और अपराधियों को दबोचने में मदद मिलेगी। वर्तमान में चंडीगढ़ पुलिस के पास साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसने को लेकर उपकरणों की काफी कमी है। सेंटर के बनने के बाद चंडीगढ़ के अलावा हिमाचल, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब और उत्तर भारत की सारी पुलिस को चंडीगढ़ से मदद मिलेगी। 

पांच साल में  22,292 लोग जालसाजी के शिकार, सिर्फ 258 केस दर्ज 
साइबर सेल के पास वर्ष 2022 के शुरुआत के डेढ़ महीने में ही 650 शिकायतें आईं। पिछले पांच सालों 258 केस दर्ज हुए और गिरफ्तारी मात्र 129 लोगों की हुई। 
  • साल                   शिकायतें             एफआईआर          गिरफ्तार
  • 2017                    2242                   43                    32
  • 2018                    3164                   35                    16  
  • 2019                    4793                   35                    13  
  • 2020                    6537                   80                    33
  • 2021                    5556                   65                    35
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चंडीगढ़ पुलिस को नोडल नियुक्त गया  
चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा (मेवात बेल्ट), पंजाब, उत्तराखंड, झारखंड (जामताड़ा बेल्ट), केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को ज्वाइंट साइबर क्राइम कोर्डिनेशन कमेटी में शामिल किया गया है। इसमें चंडीगढ़ पुलिस को इसका नोडल नियुक्त किया गया है। 

जम्मू-कश्मीर व हरियाणा के डीजीपी और लद्दाख के एडीजीपी भी पहुंचे 
कॉन्फ्रेंस सेक्टर-10 स्थित माउंट व्यू होटल में हुई। इसका उद्घाटन चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने किया। इस मौके पर एमएचए की और से विशेष सचिव वीएसके कौमुदी (आईएस), चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल, जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह, डीजीपी हरियाणा पीके अग्रवाल, एडीजीपी लद्दाख एसएस खंडारे, आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक एमके मॉल, आईबी डायरेक्टर मनमोहन सिंह और उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश के अन्य अधिकारी शामिल हुए। इस सम्मेलन का स्वागत डीजीपी प्रवीर रंजन ने किया। सिंगापुर के ईडी/इंटरपोल के मदन ओबरॉय ने भी अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर सम्मेलन को संबोधित किया। 
सात राज्यों की पुलिस के आपसी तालमेल और सूचनाओं के साझा करने से साइबर अपराध को नियंत्रित करने में काफी मदद मिलेगी। -धर्मपाल, सलाहकार, प्रशासक चंडीगढ़
 
साइबर अपराध काफी बढ़ गया है। इसे रोकने और अपराधियों को पकड़ने में आने वाली मुश्किलों को देखते हुए यह कॉन्फ्रेंस की गई है। उन राज्यों के भी अफसर बुलाए गए थे, जहां पर ठग बैठकर साइबर अपराध को अंजाम दे रहे हैं।  प्रवीर रंजन, डीजीपी, चंडीगढ़ पुलिस
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