एक विधायक-एक पेंशन नियम को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में पंजाब स्टेट लेजिसलेचर मेंबर्स (पेंशन और मेडिकल सुविधा रेगुलेशन) एक्ट, 1977 की धारा 3(1) में संशोधन को मंजूरी दे दी। इसके तहत, अब पंजाब विधानसभा के विधायकों को एक पेंशन (चाहे जितनी बार भी सदस्य रह चुके हों) ही मिल सकेगी।
संशोधन के अनुसार, पंजाब विधानसभा के विधायकों को मौजूदा उपबंध के तहत पहली टर्म के लिए 15000 रुपये प्रति माह पेंशन (महंगाई भत्ता, जो पंजाब सरकार के पेंशनरों पर लागू होता है, सहित) और बाद वाली हर टर्म के लिए 10000 रुपये प्रति माह पेंशन (महंगाई भत्ता, जो पंजाब सरकार के पेंशनरों पर लागू होता है, सहित) के बजाय सिर्फ एक पेंशन (टर्म की गिनती किए बगैर) नई दर के अनुसार (60,000 रुपये प्रति माह, महंगाई भत्ता जो पंजाब सरकार के पेंशनरों पर लागू होता है, सहित) दी जाएगी। इस संशोधन से पंजाब सरकार को सालाना लगभग 19.53 करोड़ रुपये की बचत होगी।
व्यापारिक वाहन चालकों से टैक्स वसूलने के लिए माफी स्कीम को मंजूरी
व्यापारिक वाहन चालकों को अपेक्षित राहत देते हुए मंत्रिमंडल ने 6 मई से आगामी 5 अगस्त तक व्यापारिक वाहनों से जुर्माने के बगैर मोटर वाहन टैक्स वसूलने के लिए राज्य परिवहन विभाग की माफी (एमनेस्टी) स्कीम को हरी झंडी दे दी। इस तरह, विभाग फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करते समय न तो ब्याज और न ही लेट फीस वसूलेगा। उल्लेखनीय है कि कोविड-19 के कारण लगाए गए लॉकडाउन में कई व्यापारिक वाहन चालक समय पर मोटर व्हीकल टैक्स जमा नहीं करवा सके। इस वजह से इन चालकों को फिटनेस सर्टिफिकेट जारी नहीं किया जा सका, क्योंकि फिटनेस सर्टिफिकेट सिर्फ उन वाहनों को जारी किया जाता है, जिनका मोटर व्हीकल टैक्स समय पर जमा करवाया जाता है।
घर-घर राशन पहुंचाने की स्कीम को मिली मंजूरी
मंत्रिमंडल ने एक अक्तूबर से घर-घर जाकर राशन उपलब्ध कराने की सेवा शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस सेवा को राज्य भर में तीन चरणों में लागू किया जाएगा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एक्ट के अंतर्गत आटे की घर-घर सप्लाई के लिए पूरे राज्य को आठ जोनों में बांटा गया है और पहले चरण में एक जोन में यह सेवा शुरू की जाएगी जबकि दूसरे चरण में दो जोनों में और तीसरे चरण में बाकी पांच जोनों में शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता के मुताबिक, राज्य सरकार एनएफएसए के अंतर्गत दर्ज किए हर लाभार्थी को एनएफएसए के अधीन आटे की होम डिलीवरी की पेशकश करेगी।
कोई भी लाभार्थी, जो एक फेयर प्राइस शॉप से अपने हिस्से की गेहूं अगर खुद जाकर इकट्ठा करने का विकल्प भी चुन सकता है, यह राशन अब तिमाही चक्कर से महीनावार चक्कर में बदला जाएगा। मंत्रिमंडल ने यह भी फैसला किया कि गेहूं पीसकर आटा बनाने का सारा खर्चा राज्य सरकार वहन करेगी। भले ही एनएफएसए के दिशानिर्देश गेहूं की पिसाई का खर्चा लाभार्थी से वसूलने की इजाजत देते हैं। इस नई सेवा से लाभार्थियों के लिए 170 करोड़ रुपये की बचत होगी, जो अब इन लाभार्थियों की तरफ से स्थानीय आटा चक्कियां से गेहूं की पिसाई पर खर्चा जाता है।
कपास उत्पादकों के लिए 41.8 करोड़ मुआवजा राशि मंजूर
मंत्रिमंडल ने श्री मुक्तसर साहिब में समूचे क्षेत्र में कपास का 50 प्रतिशत नुकसान मानते हुए प्रति एकड़ 5400 रुपये की वित्तीय राहत देने का एलान किया है। इस फैसले से प्रभावित किसानों और कपास चुनने वाले कामगारों को राज्य के बजट में से क्रमवार 38.08 करोड़ और 3.81 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। इससे पहले इस जिले में गुलाबी सूंडी के हमले के कारण कपास की फसल को हुए नुकसान के एवज में प्रभावित किसानों को 4.74 करोड़ रुपये और नरमा चुनने वाले कामगारों को 47.44 लाख रुपये की राहत दी गई थी।