कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि जामताड़ा, मेवात, दिल्ली-एनसीआर, पश्चिम बंगाल में बैठे ठग साइबर अपराध को अंजाम दे रहे हैं। इन पर नकेल कसने के लिए रणनीति बना ली गई है। साइबर एक्ट में बदलाव करने पर भी चर्चा की गई। डीजीपी प्रवीर रंजन ने कहा कि साइबर क्राइम की कोई बाउंड्री नहीं होती। अपराधी काफी सक्रिय और अपडेट हैं। चंडीगढ़ में नॉर्थ जोन की यह तीसरी मीटिंग है।
साइबर अपराध पर लगाम के लिए चंडीगढ़ में बनेगा उत्तर भारत का सबसे बड़ा सेंटर
साइबर अपराधियों को पकड़ने के लिए चंडीगढ़ में सेंटर फॉर साइबर ऑपरेशंस एंड सिक्योरिटी का निर्माण होना है। यह उत्तर भारत का सबसे बड़ा सेंटर होगा, जो आधुनिक उपकरणों से लैस होगा। इसके निर्माण के बाद यूटी पुलिस के पास हर तरह के एडवांस उपकरण, डाटा सेंटर और विशेषज्ञ होंगे। इसकी मदद से साइबर अपराध पर रोक लगाने और अपराधियों को दबोचने में मदद मिलेगी। वर्तमान में चंडीगढ़ पुलिस के पास साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसने को लेकर उपकरणों की काफी कमी है। सेंटर के बनने के बाद चंडीगढ़ के अलावा हिमाचल, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब और उत्तर भारत की सारी पुलिस को चंडीगढ़ से मदद मिलेगी।
पांच साल में 22,292 लोग जालसाजी के शिकार, सिर्फ 258 केस दर्ज
साइबर सेल के पास वर्ष 2022 के शुरुआत के डेढ़ महीने में ही 650 शिकायतें आईं। पिछले पांच सालों 258 केस दर्ज हुए और गिरफ्तारी मात्र 129 लोगों की हुई।
- साल शिकायतें एफआईआर गिरफ्तार
- 2017 2242 43 32
- 2018 3164 35 16
- 2019 4793 35 13
- 2020 6537 80 33
- 2021 5556 65 35
चंडीगढ़ पुलिस को नोडल नियुक्त गया
चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा (मेवात बेल्ट), पंजाब, उत्तराखंड, झारखंड (जामताड़ा बेल्ट), केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को ज्वाइंट साइबर क्राइम कोर्डिनेशन कमेटी में शामिल किया गया है। इसमें चंडीगढ़ पुलिस को इसका नोडल नियुक्त किया गया है।
जम्मू-कश्मीर व हरियाणा के डीजीपी और लद्दाख के एडीजीपी भी पहुंचे
कॉन्फ्रेंस सेक्टर-10 स्थित माउंट व्यू होटल में हुई। इसका उद्घाटन चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने किया। इस मौके पर एमएचए की और से विशेष सचिव वीएसके कौमुदी (आईएस), चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल, जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह, डीजीपी हरियाणा पीके अग्रवाल, एडीजीपी लद्दाख एसएस खंडारे, आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक एमके मॉल, आईबी डायरेक्टर मनमोहन सिंह और उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश के अन्य अधिकारी शामिल हुए। इस सम्मेलन का स्वागत डीजीपी प्रवीर रंजन ने किया। सिंगापुर के ईडी/इंटरपोल के मदन ओबरॉय ने भी अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर सम्मेलन को संबोधित किया।
सात राज्यों की पुलिस के आपसी तालमेल और सूचनाओं के साझा करने से साइबर अपराध को नियंत्रित करने में काफी मदद मिलेगी। -धर्मपाल, सलाहकार, प्रशासक चंडीगढ़
साइबर अपराध काफी बढ़ गया है। इसे रोकने और अपराधियों को पकड़ने में आने वाली मुश्किलों को देखते हुए यह कॉन्फ्रेंस की गई है। उन राज्यों के भी अफसर बुलाए गए थे, जहां पर ठग बैठकर साइबर अपराध को अंजाम दे रहे हैं। प्रवीर रंजन, डीजीपी, चंडीगढ़ पुलिस