हरियाणा का आम बजट उद्यमियों के लिए कई राहत लेकर आया है। एक तो सरकार ने आईएमटी (औद्योगिक मॉडल टाउनशिप) में बुनियादी ढांचे के सुधार के लिए अलग से 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वहीं, उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने उद्यमियों के लिए कई राहत योजनाएं शुरू करने की घोषणा की है।
एनसीआर में एमएसएमई क्षेत्र के उद्योगों से प्राकृतिक गैस (पाइप या कंप्रेस्ड) पर एकत्रित वैट पर 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति प्रदान की जाएगी। एनसीआर क्षेत्र में ही उद्योगों को बॉयलरों को कोयले या डीजल से स्वच्छ ईंधन में बदलने के लिए पूंजीगत व्यय के 30 प्रतिशत की सीमा तक अधिकतम 15 लाख रुपये की अनुदान सहायता देने का फैसला लिया है।
इसी प्रकार, औद्योगिक निर्यात के लिए माल ढलाई पर सबसिडी दी जाएगी। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा अलग से अधिसूचना जारी करेगा। गैर जोखिम वाले उद्योगों में अग्नि सुरक्षा निरीक्षण अब हर साल की बजाए तीन साल में एक बार होगा।
लघु उद्यमिता समर्थन निधि योजना
व्यक्तिगत या पारिवारिक व्यापार के लिए वित्तीय संस्थानों से लिए गए अधिकतम 3 लाख रुपये के ऋण पर 5 प्रतिशत की दर से ब्याज सहायता दी जाएगी। जो प्रतिवर्ष अधिकतम 15 हजार रुपये तक होगी। इस योजना के लिए वही व्यक्ति पात्र होगा, जिसकी आय 3 लाख सालाना या इससे कम होगी।
पानीपत में स्टीम इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा
एचएसएआईआईडीसी पानीपत में कपड़ा उद्योग के लिए एक सांझा बुनियादी ढांचे के रूप में भाप बुनियादी ढांचे (स्टीम इंफ्रास्ट्रक्चर) को बढ़ावा देगा। अगले तीन माह में यह योजना सिरे चढ़ाने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी तंत्र बनाया जाएगा।
आईएमटी सोहना को केंद्र की मंजूरी
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि आईएमटी सोहना को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। यहां पर इलेक्ट्रिॉनिक विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए 662 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार की गई है। सरकार उद्यमिता और रोजगार नीति की तर्ज पर एक क्षेत्रीय प्रोत्साहन नीति लाएगी।
संघ नेता दर्शनलाल जैन के नाम पर शुरू होंगे दो पर्यावरण पुरस्कार
हरियाणा सरकार ने पर्यावरण सुधार और वन क्षेत्र बढ़ाने के लिए करीब 531 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को बजट के दौरान पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाले लोगों के लिए साल में दो अवॉर्ड भी घोषित किए। संघ नेता एवं पर्यावरणविद स्व. दर्शनलाल जैन के नाम पर हर साल दो व्यक्तियों को एक और तीन लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
100 वायु गुणवत्ता केंद्र स्थापित होंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि वायु प्रदूषित संभावित हॉट-स्पॉट की पहचान की जाएगी। इन जगहों पर प्रदूषण कम करने के लिए विशेष धनराशि सरकार मुहैया कराएगी। प्रदेश भर में 100 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। वर्तमान में प्रदेश में 200 नर्सरियां मौजूद हैं। अब सरकार 10 हाईटेक नर्सरियां स्थापित करेगी।
इनमें स्वचालित जयवायु नियंत्रण, ग्रीन हाउस, पॉली हाउस, रूट ट्रेनर सुविधाएं, जर्मिनेशन बैड, वनस्पति प्रसार सुविधाएं तथा सिंचाई और उर्वरक देनी वाली स्वचालित सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। इन नर्सरियों में सालभर गुणवत्ता वाली पौध तैयार होगी। कालका और कलेसर के जंगलों में सरकार 150 किमी लंबी नेचर ट्रेल विकसित करेगी ताकि लोग करीब से प्रकृति का आनंद ले सकें।