चंडीगढ़ में ओमिक्रॉन दस्तक दे चुका है। इटली से आए 20 वर्षीय युवक की दिल्ली से आई रिपोर्ट में ओमिक्रॉन की पुष्टि होने से हड़कंप मच गया। हालांकि स्थानीय स्तर पर लिए गए नमूने में उसकी रिपोर्ट शाम को निगेटिव आ गई। उधर, युवक के परिवार के पांच सदस्यों की रिपोर्ट पॉजिटिव है। सोमवार को उनके नमूने जीनोम सिक्वेंसिंग लैब में जांच के लिए भेजे जाएंगे।
अमृतसर एयरपोर्ट पर युवक की कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। जाने के दौरान उसमें कोरोना की पुष्टि हुई। ऐसे में सवाल उठता है कि वह इटली से संक्रमित आया था या चंडीगढ़ में चपेट में आया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार युवक वहीं से संक्रमित आया था। अधिकारियों का कहना है कि कभी कभी रिपोर्ट में अचानक संक्रमण नहीं आता, कुछ दिन बाद कोरोना के लक्षण दिखाई देते हैं।
विभाग का कहना है कि युवक ने फाइजर वैक्सीन लगवाई थी, जो पूरी तरह सुरक्षित मानी गई है। संक्रमित व्यक्ति का स्वास्थ्य भी ठीक बताया जा रहा है। विभाग ने युवक पर निगरानी कड़ी कर दी है। हालांकि वह क्वारंटीन का पूरा पालन कर रहा है।
चंडीगढ़ में ओमिक्रॉन का मामला आते ही प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल गंभीर हो गए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य सचिव से जीनोम सिक्वेंसिंग लैब में जांच की जानकारी ली। पीजीआई में प्रयोगशाला पूरी तरह तैयार है। सभी उपकरण व मशीनें भी हैं लेकिन पीजीआई जांच को हाथ खड़े कर रहा है। पीजीआई का तर्क है कि नमूनों की जांच के लिए रसायन आदि एक जगह नहीं मिलते। कोई यूएसए तो कोई इंग्लैंड से आते हैं। यह व्यवस्था आसान नहीं है। प्रशासक के सलाहकार ने सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिए हैं कि पीजीआई की लैब जल्द से जल्द चालू करवाई जाए। आ रही बाधाओं को दूर किया जाए ताकि संक्रमण का खतरा कम हो सके।
चंडीगढ़ में दक्षिण अफ्रीका से लौटे तीन लोगों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था। महिला ने कोविड गाइड लाइन का पालन नहीं किया। उन पर कार्रवाई भी की गई। हालांकि उनमें कोरोना का डेल्टा वायरस पाया गया था। उसी दौरान स्वास्थ्य विभाग को जीनोम सिक्वेंसिंग की आवश्यकता महसूस हुई लेकिन पीजीआई ने इसके लिए हाथ खड़े कर दिए और नमूने नई दिल्ली भेजे गए। अब सवाल यह खड़ा हो गया कि दुनिया में ओमिक्रॉन को आए एक माह हो गया बावजूद इसके देश के सर्वोच्च मेडिकल संस्थान पीजीआई में अब तक जांच के पूरे प्रबंध नहीं हो पाए। यदि ऐसा ही चलता रहा तो इससे बड़ा खतरा चंडीगढ़ को हो सकता है।
जैसे ही चंडीगढ़ में ओमिक्रॉन की दस्तक की सूचना लोगों तक पहुंची तो वह भी अलर्ट हो गए। लोगों के बीच यह चर्चा दिनभर रही और अपने बचाव के रास्ते तलाशने के लिए सुझाव देने लगे। वहीं कुछ जागरूक लोगों ने कहा है कि नगर निगम बिना मास्क वाले लोगों की निगरानी करे। क्योंकि बाजारों में बिना मास्क के बड़ी संख्या में लोग देखे जा रहे हैं। उन पर कार्रवाई जरूरी है। पिकनिक स्पॉट आदि पर भी जाकर जांच करनी चाहिए। टीमें बनाकर पूरे शहर में जगह-जगह भेजनी चाहिए।
परिवार के पांच सदस्यों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। स्वास्थ्य विभाग उनके नमूनों को भी दिल्ली भेजेगा। सभी को क्वारंटीन में रखा गया है। उनके संपर्क में आए लोगों का पता लगाया जा रहा है। -अनिल गर्ग, प्रभारी, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग टीम