चंडीगढ़। पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला के वाइस चांसलर प्रो. अरविंद ने कहा कि केवल डिग्री का कोई मूल्य नहीं है, वास्तविक मूल्य अध्ययन के दौरान अर्जित ज्ञान और कौशल का है। उन्होंने कहा कि तकनीकी अध्ययन के लिए लड़कियों की संख्या बढ़ानी चाहिए। साथ ही छात्राएं भी इसके लिए आगे आएं। वीसी सीएसआईआर-सीएसआईओ के भारत-स्विस प्रशिक्षण केंद्र (आईएसटीसी) के 56वें दीक्षांत समारोह में मुख्यातिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि यहां की सुविधाओं का दौरा करने का अवसर मिला और वह छात्रों के लिए उपलब्ध बुनियादी ढांचे और उपकरणों से प्रभावित हुए है। सीएसआईआर-सीएसआईओ के निदेशक प्रो. अनंत रामकृष्ण ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और डिप्लोमा प्राप्त करने वाले छात्रों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आईएसटीसी शुरू से ही सीएसआईओ का एक अभिन्न अंग रहा है और सीएसआईओ के कई वैज्ञानिकों ने आईएसटीसी के छात्रों को व्यावहारिक कौशल सिखाने में योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि आज का दिन संस्थान के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि ये छात्र जो इस संस्थान का हिस्सा रहे हैं, वे अपनी डिग्री अर्जित करेंगे और जीवन की पेशेवर यात्रा में अपनी नई खोज शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि इस प्रकार प्रशिक्षित बौद्धिक, तकनीकी जनशक्ति उनके भविष्य के प्रयासों में बहुत अच्छा करेगी और संस्थान को हमेशा गर्व और संतुष्टि मिलेगी कि उन्हें छात्रों के कौशल को बढ़ाने में योगदान करने का अवसर मिला।
कई कंपनियों में मिली नौकरी
यहां से डिप्लोमा पाने वाले विद्यार्थियों को कई कंपनियों में नौकरियां मिली हैं। इसमें टाइटन, गोदरेज, एडवरब टेक्नोलॉजी, एक्सिकॉम टेलीसिस्टम्स, बीएन हाईटेक, हॉकिंग्स, एसेन, डिंकी, एलेना ऑटो आदि कंपनियां शामिल हैं। आईएसटीसी के प्राचार्य नरिंदर सिंह ने संस्थान की रिपोर्ट प्रस्तुत की। यह भी बताया कि संस्थान की छात्रा प्रियांशी गुप्ता की सड़क हादसे में मौत हो गई। उसकी याद में दो मिनट का मौन भी रखा गया। आखिर में अतिथियों ने छात्रों को डिप्लोमा दिए।
इन छात्रों ने पाए पदक
इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में अभिषेक कुमार को स्वर्ण और साक्षी को रजत पदक मिला। इसी तरह मैकेनिकल इंजीनियरिंग में शिवांश को स्वर्ण व दीपांशु को रजत पदक मिला। मेक्ट्रोनिक्स और औद्योगिक प्रशिक्षण में रूपेश बत्रा व दीपांशु को रजत पदक मिला। डाई और मोल्ड मेकिंग में अक्षय को स्वर्ण और हिमांशु को रजत पदक मिला। पदक पाकर विद्यार्थी खुशी से झूम उठे। इस समारोह का ऑनलाइन प्रसारण भी हुआ।