अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल (श्री हरिमंदिर साहिब) में युवती के योग करने को लेकर विवाद थम नहीं रहा है। गुजरात के वडोदरा की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अर्चना मकवाना ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस वाले दिन गोल्डन टेंपल परिसर में योगासन किया था। अर्चना मकवाना ने योग करते हुए अपनी कुछ तस्वीरें अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर भी की थी। इसके बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया। इसके लिए युवती का विरोध हो रहा है।
वहीं, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने अर्चना मकवाना के खिलाफ अमृतसर पुलिस स्टेशन में धारा 295-ए (धार्मिक भावनाएं आहत करना) के तहत केस भी दर्ज करवाया है। हालांकि इस घटनाक्रम के बाद युवती ने सोशल मीडिया से फोटो हटा दिए हैं और उसने अपनी गलती की माफी भी मांगी है।
चलिए आपको बताते हैं कि गोल्डन टेंपल में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए क्या नियम हैं, जो एसजीपीसी ने बनाए हैं। नियमों का पालन करना यहां आने वाले हर श्रद्धालु के लिए जरूरी है। यह नियम इसलिए बनाए गए हैं, ताकि सिख भावनाएं आहत न हों। इसलिए आपके लिए यह नियम जानना जरूरी हैं।
इन नियमों का करना होगा पालन
- श्री हरिमंदिर साहिब पवित्र परिसर के अंदर बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू या अन्य नशीले पदार्थ पूरी तरह वर्जित हैं।
- स्वर्ण मंदिर के अंदर च्युइंग गम, धूप का चश्मा और फोटोग्राफी प्रतिबंधित है।
- फोटोग्राफी की अनुमति केवल बाहरी परिक्रमा में ही है। विशेष कारणों से स्वर्ण मंदिर के अंदर फोटोग्राफी की अनुमति अध्यक्ष/सचिव (एसजीपीसी) या स्वर्ण मंदिर प्रबंधक से ली जा सकती है।
- कोई भी पवित्र सरोवर (अमृत का कुंड) में डुबकी लगा सकता है लेकिन साबुन या शैम्पू का प्रयोग नहीं कर सकते।
- सरोवर में तैरना वर्जित है।
- स्वर्ण मंदिर पहुंचने पर, पुरुषों और महिलाओं सहित सभी को सिर कपड़े (जैसे- रूमाल, चूनी व स्कार्फ आदि) से ढकना होगा।
- यदि किसी के पास कपड़ा नहीं है तो गोल्डन टेंपल में यह सुविधा है। वहीं, परिसर के बाहर स्कार्फ बहुत सस्ते दामों पर बाहर बेचे जाते हैं।
- सभी श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश करने से पहले जूते उतारने होंगे। इसके बाद तालाब में चलकर पैर धोने के बाद ही स्वर्ण मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे।
- श्री दरबार साहिब के प्रत्येक प्रवेश द्वार पर श्रद्धालुओं के जूते और सामान रखने की निःशुल्क व्यवस्था है।
- कृपया गर्भगृह में प्रवेश करने से पहले अपने मोबाइल फोन बंद करना होगा।
- पवित्र परिसर में प्रवेश करने से पहले हाथ व पैर धो लें और सिर कपड़े से ढकना होगा।