उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के काले कानूनों की तरह पंजाब सरकार ने पंजाब कॉमन लैंड एक्ट में संशोधन के नाम पर जुमला मुस्तरका जमीनों पर हमला किया है। सरकार के इस संशोधन को लोग स्वीकार नहीं करते हैं। सरकार का पूरा ध्यान जनहित के खिलाफ जाकर कारपोरेट के पक्ष में भुगतान करने पर है।
सरकारों ने सार्वजनिक क्षेत्र के स्कूल, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क, पानी, बैंक, रेलवे, एलआईसी, एयर इंडिया समेत कई संस्थानों को बिक्री के लिए रख दिया है। जिला कोषाध्यक्ष कंधार सिंह भौएवाल, जिला प्रधान सचिव सिंह कोटला व अमरदीप सिंह गोपी ने कहा कि एमएसपी गारंटी कानून के तहत विधानसभा में बाबा बंदा सिंह बहादुर कानून बनाया गया और जमीन हलवाहकों को दी गई थी।
बसे हुए किसानों और मजदूरों को स्थायी स्वामित्व अधिकार दिया जाए। उन्होंने कहा कि कंटीली जमीनों का बकाया मुआवजा जारी किया जाए, कंटीले तारों को जीरो लाइन पर किया जाए, खेतों में काम करने का समय बढ़ाया जाए, बीबीएमबी में पंजाब और हरियाणा की भागीदारी बहाल की जाए, बिजली वितरण किया जाए। लाइसेंस सिस्टम 2022 की अधिसूचना रद्द की जाए, एसवाईएल के मुद्दे का रायपेरियन कानून के तहत समाधान किया जाए।