प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को केजीपी देश की जनता को समर्पित किया। 15 अगस्त तक लोग इस पर फ्री में सफर कर सकेंगे। कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी) ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे उद्घाटन होते ही आम लोगों के लिए खोल दिया गया। एक्सप्रेस-वे पर 15 जून तक बिना टोल टैक्स कुंडली से पलवल तक वाहन फर्राटा भर सकेंगे। एक्सप्रेस-वे पर 15 जून के बाद टोल प्लाजा शुरू होगा। केएमपी के रूप में दूसरा तोहफा अगस्त तक मिल जाएगा और इसका उद्घाटन भी पीएम नरेंद्र मोदी ही करेंगे।
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एनएचएआई के चेयरमैन युद्धवीर सिंह ने खुद यह दावा किया है कि कुंडली-मानेसर-पलवल वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे का काम अगस्त तक पूरा करके आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। क्योंकि 135.6 किमी लंबे एक्सप्रेव वे का काम 80 प्रतिशत तक हो चुका है और बाकी 20 प्रतिशत काम दो महीने में पूरा कर लिया जाएगा।
केजीपी से पहले प्रधानमंत्री ने सोनीपत में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की डिजिटल आर्ट गैलरी का उद्घाटन किया। यहां केजीपी के निर्माण की शुरुआत से लेकर अब तक की पूरी जानकारी 3डी के माध्यम से उपलब्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हेलीकॉप्टर केजीपी पर पबसरा में टोल प्लाजा के पास 11.30 बजे उतरा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल, कैबिनेट मंत्री कविता जैन, सांसद रमेश कौशिक ने प्रधानमंत्री का गीता और पुष्प भेंट कर स्वागत किया।
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प्रधानमंत्री के साथ केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी पहुंचे। हेलीकॉप्टर से उतर पीएम मोदी सीधे एनएचएआई की डिजिटल आर्ट गैलरी पहुंच उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने केजीपी और केएमपी के मानचित्र को देखा और पूरी स्थिति के बारे में एनएचएआई अधिकारियों से जानकारी ली। पीएम ने डिजिटल आर्ट गैलरी का निरीक्षण किया।
यह है केएमपी प्रोजेक्ट
मोदी ने लोगों को दिया केजीपी
केएमपी का पत्थर 2003 में हरियाणा के तत्कालीन सीएम ओपी चौटाला ने लगाया था, लेकिन उसके तीन साल बाद 2006 में काम शुरू हो सका। उस समय काम पूरा करने का समय चार साल तय किया गया था। इसका काम बीच में रोक दिया गया था और यह प्रोजेक्ट अधूरा रह गया था। इसका दोबारा से 2015 में पीएम नरेंद्र मोदी ने केजीपी के साथ शिलान्यास किया था और इसका काम शुरू हो सका था।
यह 135.6 किमी लंबा एक्सप्रेस वे है, जिसमें 50 बड़े फ्लाईओवर और 75 छोटे पुल बनाए जाने है। इनके अलावा चार रेलवे ओवरब्रिज बनाए जाने है। यह एक्सप्रेस वे सोनीपत में कुंडली से शुरू होकर दिल्ली के चक्कर लगाते हुए खरखौदा, बहादुरगढ़, मानेसर, सोहना से होते हुए पलवल में खत्म होगा। इस प्रोजेक्ट पर तीन हजार करोड़ से ज्यादा रुपया खर्च होना है।
दिल्ली-एनसीआर को होगा बड़ा फायदा
प्रदूषण और ट्रैफिक जाम से रोजाना जूझती दिल्ली के लिए केएमपी भी केजीपी की तरह बड़ा फायदेमंद होगा। क्योंकि दिल्ली से गुजरकर दूसरे राज्यों में जाने वाले ट्रक व बसों को अंदर नहीं घुसना पड़ेगा, बल्कि वह केएमपी से होकर निकल सकेंगे। इस केएमपी पर वाहन फर्राटा भर सकेंगे और वाहन चालकों का जाम व ट्रैफिक में जूझने का समय भी बचेगा।
इस एक्सप्रेस वे पर मोड़ कम होने के कारण वाहन सीधे कुंडली से मानेसर तक फर्राटा भर सकते हैं और इससे महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान, बंगाल, यूपी, पंजाब, जम्मू के ट्रैफिक पर असर होगा।
द्वारका एक्सप्रेस वे व यमुना पुल पर जल्द शुरू होगा काम
मोदी ने लोगों को दिया केजीपी
सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि अब जल्द ही केएमपी वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे भी बन जाएगा और इस तरह 270 किमी लंबाई वाले एक्सप्रेस वे पहला होगा। उन्होंने कहा कि केएमपी का उद्घाटन भी पीएम नरेंद्र मोदी से जल्द ही कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले 3.5 साल में हरियाणा को इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में 9 राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए 35000 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।
ईस्टर्न एक्सप्रेस वे व वेस्टर्न एक्सप्रेस वे के बन जाने से दिल्ली के लोगों को काफी राहत मिलेगी और यह एक्सप्रेस वे उत्तर भारत को दक्षिण भारत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। वहीं दोनों राज्यों की पुलिस तालमेल के साथ काम कर रही है, जिससे अपराधियों पर लगाम कसी गई है।
सीएम ने बताया कि हरियाणा व यूपी को जोड़ने वाले छपरौली में यमुना पर बनने वाले पुल का काम भी जल्द शुरू होगा। वहीं केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने सीएम मनोहर लाल को बताया कि अगले 10 से 15 दिनों में हरियाणा व दिल्ली को जोड़ने वाला द्वारका एक्सप्रेस वे का काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेस वे 7000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा।