हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि जाट आरक्षण के लिए धरने पर जा रहे राजनीतिक दलों के लोगों को राजनीति नहीं करनी चाहिए। जो काम सरकार को करना है, वह कर चुकी है, आरक्षण का बिल बनाना था, वह बनाया है, चूंकि अब कोर्ट ने बिल पर स्टे लगा दिया है और स्टे को हटवाने के लिए सभी को सहयोग करना चाहिए, जिसमें सरकार भी लगी हुई है।
उनकी कुछ और मांगें हैं, उन मांगों के लिए बातचीत की जाएगी। ये बातें उन्होंने ‘अचीविंग स्वच्छ हरियाणा-वट विल इट टेक’ आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला के बाद मीडिया के प्रश्न के उत्र में दी। एक अन्य प्रश्र के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कोई ऐसा बयान नहीं दिया है, जिससे किसी की भावना आहत होती हो। मैंने केवल यह कहा कि जिनको हमने बातचीत के लिए बुलाया था, क्योंकि बातचीत से ही मसले हल होते हैं।