चंडीगढ़ में कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें संपत्ति खरीदने के बाद जानकारी मिलती है कि उस पर पहले से कई तरह के नोटिस व जुर्माने की रकम बकाया है। इस समस्या को खत्म करने के लिए एस्टेट ऑफिस दो मई से एक नई सेवा शुरू करने जा रहा है, जिसके तहत कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन देख सकेगा कि उसकी संपत्ति पर कौन से नोटिस हैं और कितना जुर्माना बकाया है। इससे एनओसी की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इससे उन लोगों को काफी लाभ होगा जो किसी संपत्ति को खरीदना चाहते हैं। डीसी ने कहा कि ये दस्तावेज होगा, जिसे लोग डाउनलोड कर फाइल के साथ लगा सकेंगे। डीसी ने स्पष्ट किया कि इस सेवा के शुरू होने के बाद अगर व्यक्ति ने ऑनलाइन देखा और उसे किसी संपत्ति पर एस्टेट ऑफिस की तरफ से कोई बकाया राशि या जुर्माना नहीं दिखाया गया और अगर संपत्ति को खरीदने के बाद नोटिस आ जाता है तो इसमें लोगों की गलती नहीं मानी जाएगी और एस्टेट ऑफिस व संबंधित विभाग के अधिकारी इसके जिम्मेदार होंगे।
एस्टेट ऑफिस की इस नई व्यवस्था का शहर के प्रॉपर्टी डीलर, उद्योगपति और व्यापारियों ने स्वागत किया है। बता दें कि वर्तमान में किसी भी संपत्ति पर बकाया राशि का पता करना बहुत कठिन काम है। संपत्ति की खरीद से पहले वकील को फाइल दिखाई जाती है, जो नोटिस व कोर्ट केस की जानकारी देते हैं लेकिन जुर्माने की कितनी राशि बकाया है, इसकी जानकारी नहीं मिल पाती।
बुधवार को हुई बैठक में प्रॉपर्टी कंसल्टेंट एसोसिएशन के प्रधान कमल गुप्ता ने एक केस का हवाला देते हुए डीसी को बताया कि सेक्टर-36 में एक 14 मरले की संपत्ति की सेल डीड कराने के बाद संपत्ति खरीदने वाले व्यक्ति को 1.3 करोड़ रुपये का नोटिस आ गया। संपत्ति खरीदने से पहले वकील की रिपोर्ट में यह बकाया राशि नहीं थी। मजबूरन व्यक्ति को 1.3 करोड़ रुपये जमा कराने पड़े। इसके लिए व्यक्ति ने संपत्ति बेच दी और वह गांव जाकर बस गया। उन्होंने सुझाव दिया कि भवनों के दुरुपयोग और उल्लंघन को सब-रजिस्ट्रार के साथ लिंक कर देना चाहिए। हालांकि इस पर डीसी ने कहा कि दो मई से वह सभी संपत्तियों की जानकारी ऑनलाइन कर रहे हैं, इससे सभी तरह की समस्याएं दूर हो जाएंगी।
पारदर्शिता काफी बढ़ जाएगी