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Punjab: गृह विभाग ने मांगी इंद्रजीत को डबल प्रमोशन व ट्रांसफर की फाइल, पहले दी गई जानकारी को बताया अधूरा

Tue, 09 May 2023 10:15 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब में नशा तस्करी से जुड़े मामले में साल 2017 में सीआईए इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने गिरफ्तार किया था। उसके घर से एसटीएफ ने एके-47 व लाखों की नकदी बरामद की थी।
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राजजीत सिंह - फोटो : फाइल
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विस्तार
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पंजाब में करोड़ों रुपये की ड्रग तस्करी से जुड़े मामले में जेल में बंद सीआईए के बर्खास्त इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह को डबल प्रमोशन देने व उसकी ट्रांसफर करने के मामले में गृह विभाग ने डीजीपी पंजाब को पत्र लिखा है। साथ ही दोनों केसों संबंधी फाइल मंगवाई है। वहीं, इससे पहले पुलिस की तरफ से दी गई जानकारी को अधूरा बताया है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में डीजीपी ऑफिस की तरफ से इस बारे में जवाब फाइल किया जाएगा। इसके बाद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी। सरकार पहले दिन से साफ कर चुकी है नशे के इस कारोबार को पूरी तरह से खत्म किया जाएगा। आरोपी सलाखों के पीछे पहुंचाए जाएंगे।

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पंजाब में नशा तस्करी से जुड़े मामले में साल 2017 में सीआईए इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने गिरफ्तार किया था। उसके घर से एसटीएफ ने एके-47 व लाखों की नकदी बरामद की थी। इसके बाद इस मामले की पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने जांच की थी। 

एसआईटी ने इस मामले में लिफाफा बंद तीन रिपोर्ट फाइल की थीं। हाईकोर्ट के आदेश पर ही इसी साल अप्रैल में ही यह रिपोर्ट खोली गई थी। इसके बाद इंद्रजीत सिंह के करीब रहे एआईजी राजजीत सिंह पर सरकार ने कार्रवाई की थी। एक तो उन्हें तुरंत प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। साथ ही उन पर दो नए केस दर्ज किए गए थे। एसआईटी ने उन पर नशा तस्करी से जुड़ा केस दर्ज किया था जबकि दूसरा केस आय से अधिक संपत्ति का दर्ज हुआ था। आरोपी उस समय से लेकर अब तक फरार है।
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एसटीएफ ने उसके वारंट भी हासिल कर लिए हैं। दूसरी तरफ जब इस मामले की जांच हुई तो पुलिस ने गृह विभाग को जवाब भेजा था। इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह की तरनतारन व होशियारपुर में ट्रांसफर राजजीत के कहने पर की गई। जबकि उसे प्रमोशन तत्कालीन डीजीपी सुमेध सैनी के आदेश पर दी गई थी। हालांकि गृह विभाग का कहना है कि इसमें जानकारी अधूरी है। सरकार जिम्मेदार लोगों की पड़ताल कर उन पर कड़ी कार्रवाई करने तैयारी में है। ऐसे में गृह विभाग ने दोनों मामलों से जुड़ी फाइल तलब की है। उम्मीद है कि जल्दी ही इस दिशा में कार्रवाई होगी।
 
कई सीनियर को दरकिनार कर दी गई प्रमोशन
जिस समय इंद्रजीत सिंह की तैनाती की गई उस समय 19 इंस्पेक्टर और 41 सब इंस्पेक्टर कार्यरत थे। ये सभी इंद्रजीत सिंह से सीनियर थे। ड्रग्स मनी से बनाई करोड़ों की संपत्ति राजजीत और बर्खास्त इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह के सॉफ्ट शिकार ड्रग्स तस्कर बनते थे। ड्रग्स तस्करी में पकड़े जाने वालों को उनकी प्रॉपर्टी ड्रग्स मनी से खरीदने का खौफ दिखा कर, पर्चे में नाम डालने का डर दिखा कर या पर्चे से नाम निकालने का लालच देकर पैसा व प्रॉपर्टी ली जाती थी। पहले प्रॉपर्टी बेनामी नाम पर ट्रांसफर करवाई जाती थी और बाद में उसे बेच कर पैसा इकट्ठा किया जाता था।

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