चंडीगढ़ की हॉकी ट्रेनी व टोक्यो ओलंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम की सदस्य रही शर्मिला देवी को अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ ने साल की उभरती हुई सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी पुरस्कार के लिए नामित किया है। भारतीय महिला हॉकी टीम टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक के प्ले-ऑफ में ब्रिटेन से हार गई थी।
हालांकि, टीम पहली बार ओलंपिक के समीफाइनल में पहुंचने में कामयाब रही थी। क्वार्टर फाइनल में भारतीय महिला टीम ने आस्ट्रेलिया को 1-0 से हराया था। बीते दिनों शहर में टोक्यो ओलंपिक में शामिल हॉकी खिलाड़ियों को हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने सम्मानित किया था।
मेरे और परिवार के लिए गर्व की बात : शर्मिला
19 वर्षीय फॉरवर्ड हॉकी खिलाड़ी शर्मिला देवी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ की ओर से पुरस्कार के लिए नामित होना मेरे साथ मेरे परिवार के लिए भी गर्व की बात है। टोक्यो ओलंपिक में टीम इंडिया कांस्य पदक से चूक गई, इसके लिए टीम की खिलाड़ी निराश जरूर हैं, लेकिन अब हमें अपनी गलतियों से सीखना होगा। शर्मिला साल 2018 में पहले भारतीय जूनियर टीम में चुनी गई थी। बेहतरीन परफारमेंस के चलते एक वर्ष बाद 2019 में भारतीय महिला टीम में चयनित हुई।
हिसार से शुरू हुआ था हॉकी का सफर
शर्मिला मूलरूप से हिसार की रहने वाली हैं। उनके पिता किसान हैं और गृहिणी। शर्मिला हरियाणा के लिए खेलती हैं। हॉकी की शुरुआत उन्होंने चंडीगढ़ से की थी। चंडीगढ़ के खेल विभाग की हॉकी अकादमी के लिए साल 2012 में ट्रायल लिए गए थे। शर्मिला ने ट्रायल पास कर अकादमी में एडमिशन लिया। सेक्टर-18 स्थित हॉकी स्टेडियम में शर्मिला ने कोच रजिंदर सिंह और मंजीत कौर से ट्रेनिंग लेनी शुरू की। साल 2016 तक हॉकी अकादमी की ट्रेनिंग ली। इस दौरान अकादमी के हॉस्टल में रहते हुए शहर के सरकारी स्कूल से 7वीं से 10वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी की।